जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक: एस. जयशंकर ने कूटनीति पर दिया जोर, वैश्विक चुनौतियों और भारत के रुख को मजबूती से रखा
जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक: एस. जयशंकर ने कूटनीति पर दिया जोर, वैश्विक चुनौतियों और भारत के रुख को मजबूती से रखा
अटलांटा (अमेरिका): अमेरिका के अटलांटा में आयोजित दो दिवसीय जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के पहले पूर्ण सत्र में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक संकटों के समाधान के लिए सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीति और संवाद (Diplomacy) को प्राथमिकता देने की जोरदार अपील की। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में विदेश मंत्री ने वैश्विक दक्षिण (Global South), नौवहन की स्वतंत्रता और आतंकवाद जैसे अहम मुद्दों पर भारत का पक्ष स्पष्ट रूप से रखा।
जयशंकर के संबोधन के मुख्य बिंदु:
कूटनीति को मिले मौका: विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में सैन्य समाधान काम नहीं करेंगे, इसलिए समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए कूटनीति को मौका दिया जाना चाहिए।
ग्लोबल साउथ पर असर: असैन्य जहाजों और नाविकों पर हो रहे हमलों की वजह से विकासशील देशों (वैश्विक दक्षिण) पर अत्यधिक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इससे ईंधन, खाद्य सामग्री और उर्वरकों की कीमतें और उपलब्धता प्रभावित हो रही है।
समुद्री सुरक्षा व यूएनसीएलओएस (UNCLOS): अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) की रक्षा करने और हमलों को तुरंत रोकने की मांग की गई। भारत और लाइबेरिया ने मिलकर नाविकों की सुरक्षा के लिए एक संयुक्त पहल की शुरुआत भी की है।
व्यापारिक संरक्षणवाद का विरोध: जयशंकर ने आगाह किया कि आपूर्ति श्रृंखलाओं को हथियार बनाकर, अत्यधिक आपूर्ति करके और बाजार में असंतुलन पैदा कर विकासशील देशों के औद्योगीकरण के अधिकार को बाधित किया जा रहा है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
आतंकवाद पर कड़ा रुख: आतंकवाद पर चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि सामरिक लाभ के लिए इसकी अनदेखी करना बेहद खतरनाक है, और इसे बढ़ावा देने वालों को अंततः खुद इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।
यूरोपीय संघ (EU) के साथ द्विपक्षीय चर्चा:
बैठक के इतर, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूरोपीय संघ (EU) की उच्च प्रतिनिधि काजा कैलास (Kaja Kallas) से मुलाकात की।
वैश्विक संघर्षों पर मंथन: दोनों नेताओं के बीच मुख्य रूप से यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र (मध्य पूर्व) की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
ईयू का दृष्टिकोण: काजा कैलास ने भी काला सागर में नौवहन की स्वतंत्रता, खाद्य/ऊर्जा सुरक्षा, और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों पर अनुचित टोल और शुल्क के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
आगामी कार्यक्रम:
विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर इस दौरे के दौरान क्वाड (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे और कई अन्य समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं करेंगे।

