विश्व आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 में भारत का दमदार प्रदर्शन, दो दिनों में जीते 20 पदक
विश्व आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 में भारत का दमदार प्रदर्शन, दो दिनों में जीते 20 पदक
47वीं विश्व आर्म रेसलिंग और 28वीं विश्व पैरा आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 के शुरुआती दो दिनों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण, दो रजत और 14 कांस्य पदक अपने नाम किए। इसके साथ ही भारत पदक तालिका में रूस, कजाकिस्तान और तुर्की के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गया।
भारत में पहली बार आयोजित हो रही इस चैंपियनशिप में 60 से अधिक देशों के 1,700 से ज्यादा एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता का उद्घाटन गुरुवार को केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और हमीरपुर के सांसद व पूर्व केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर की उपस्थिति में हुआ।
चैंपियनशिप का आयोजन वर्ल्ड आर्म रेसलिंग फेडरेशन (डब्ल्यूएएफ) के अंतर्गत पीपल्स आर्म रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (पीएएफआई) कर रहा है। उद्घाटन समारोह में डब्ल्यूएएफ अध्यक्ष एसेन हाजितोडोरोव, महासचिव मिर्सिया सिमियोनेस्कु-सिमिसेल, एशियन आर्मरेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष जीनबेक मुकाम्बेटोव और आर्मरेसलिंग ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष फिल रासमुसेन भी मौजूद रहे।
मास्टर्स खिलाड़ियों ने जीते चार स्वर्ण पदक
29 अक्टूबर को भारतीय मास्टर्स दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार स्वर्ण, एक रजत और सात कांस्य पदक जीते। जिंसीमोल सेबेस्टियन ने ग्रैंड मास्टर महिला 80 किग्रा वर्ग में दोनों हाथों की स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए।
योगेश चौधरी ने मास्टर महिला प्लस 80 किग्रा वर्ग में दाएं हाथ से स्वर्ण और बाएं हाथ से कांस्य पदक जीता। वहीं, शौकत वीटी ने मास्टर पुरुष 60 किग्रा वर्ग में दाएं हाथ से स्वर्ण और बाएं हाथ से कांस्य पदक अपने नाम किया।
ग्रैंड मास्टर महिला प्लस 80 किग्रा वर्ग की दाएं हाथ की स्पर्धा में मिनिमोली जोस ने रजत और प्रीथा सी ने कांस्य पदक जीता। प्रिया पय्यान कुन्हीवीट्टिल और मिनी के ने भी अपनी-अपनी श्रेणियों में दो-दो कांस्य पदक हासिल किए।
युवा खिलाड़ियों ने भी दिखाया दम
30 अक्टूबर को हुए लेफ्ट-आर्म फाइनल में भारतीय युवा खिलाड़ियों ने आठ पदक जीते। जिमीसन मारवेन ने यूथ मेन्स 65 किग्रा वर्ग में रजत पदक हासिल किया।
आभास राणा ने जूनियर बॉयज प्लस 90 किग्रा, लैथनसंगा ने यूथ मेन्स 55 किग्रा, अजय कुमार ने यूथ मेन्स 60 किग्रा और विष्णुप्रिया पी ने यूथ विमेंस 80 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीते।
सब-जूनियर वर्ग में आर्यन सिंह (-45 किग्रा), युमनाम चिंगखेई सिंह (50 किग्रा) और शेन सालिश (70 किग्रा) ने भी कांस्य पदक अपने नाम किए।
128 भारतीय खिलाड़ियों ने 90 फाइनल में बनाई जगह
पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के अलावा भी भारतीय दल का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। कुल 128 भारतीय खिलाड़ियों ने 101 में से 90 फाइनल मुकाबलों में जगह बनाई और 154 फिनिश हासिल किए। इनमें 17 खिलाड़ी पदक से चूककर चौथे स्थान पर रहे।
मास्टर मेन्स 110 किग्रा वर्ग में नवीन पॉल और ग्रैंड मास्टर विमेंस 80 किग्रा वर्ग में मिहसंगेवभा रिम्बई ने लेफ्ट और राइट आर्म, दोनों स्पर्धाओं के फाइनल में चौथा स्थान हासिल किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती मौजूदगी
सब-जूनियर से लेकर ग्रैंड मास्टर तक पांच आयु वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों के पदक जीतने को अंतरराष्ट्रीय आर्म रेसलिंग में भारत की बढ़ती मौजूदगी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। यह चैंपियनशिप उन खिलाड़ियों के लिए भी मंच बन रही है, जो पेशेवर सर्किट में आगे बढ़ना चाहते हैं।
योगेश चौधरी और आभास राणा 28 नवंबर को पुणे में होने वाले प्रो पंजा लीग के ‘गोल्ड एडिशन 2’ में हिस्सा लेंगे। प्रो पंजा लीग और पूनावाला ग्रुप द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट में भारत और दुनिया के कई शीर्ष आर्म रेसलर्स के शामिल होने की उम्मीद है।

