राष्ट्रीय एकता दिवस: एकता नगर में पीएम मोदी का संबोधन; विपक्ष को बताया ‘अवरोध पक्ष’, ‘दिमागी नक्सलवाद’ पर चेताया
राष्ट्रीय एकता दिवस: एकता नगर में पीएम मोदी का संबोधन; विपक्ष को बताया ‘अवरोध पक्ष’, ‘दिमागी नक्सलवाद’ पर चेताया
एकता नगर (गुजरात): राष्ट्रीय एकता दिवस (सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती) के अवसर पर गुजरात के एकता नगर (केवडिया) स्थित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ परिसर में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की एकता, अखंडता और विकास की प्राथमिकताओं को रेखांकित करने के साथ-साथ विपक्षी दलों पर अब तक का सबसे तीखा राजनीतिक हमला बोला।
प्रधानमंत्री के संबोधन की प्रमुख बातें:
’विरोध पक्ष’ नहीं, ‘अवरोध पक्ष’ बन चुका है विपक्ष: पीएम मोदी ने विपक्ष के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि एक दशक से अधिक समय की लगातार राजनीतिक हताशा और निराशा के कारण विरोधी दल लोकतंत्र में अपनी सकारात्मक भूमिका भूल चुके हैं। वे अब ‘विरोध पक्ष’ न रहकर देश के विकास के हर रास्ते में बाधा डालने वाला ‘अवरोध पक्ष’ बन गए हैं।
संविधान और देश को बांटने की साजिशों पर प्रहार: प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी ताकतें संविधान की गरिमा को ठेस पहुंचा रही हैं और देश को विभाजित करने की साजिशों में जुटी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कौन विदेश में जाकर भारत विरोधी ताकतों से गुप्त रूप से हाथ मिला रहा है और देश विरोधी तत्वों की भाषा बोल रहा है?
’दिमागी नक्सलवाद’ का नया खतरा: प्रधानमंत्री ने देश की आंतरिक सुरक्षा पर बात करते हुए कहा कि सरकार ने दूरदराज के क्षेत्रों से सशस्त्र नक्सलवाद को लगभग समाप्त कर दिया है, लेकिन “दिमागी नक्सलियों” (अर्बन नक्सल नेटवर्क) का खतरा अभी भी देश के सामने बना हुआ है, जिसके प्रति पूरे राष्ट्र को सतर्क रहने की जरूरत है।
सरदार पटेल को श्रद्धांजलि और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’: इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और ‘राष्ट्रीय एकता दिवस परेड’ की सलामी ली। उन्होंने नागरिकों से एकजुट होकर ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने का आह्वान किया।
राजनीतिक गलियारों में पीएम मोदी के इस संबोधन को चुनाव आयोग पर विपक्ष के लगातार जारी हमलों और हालिया ‘जन महाभियोग’ अभियानों के करारे जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

