Saturday, October 31, 2026
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मुंबई में अंडरवर्ल्ड जैसा दबदबा बनाने की फिराक में लॉरेंस बिश्नोई गैंग: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस की जांच में क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा

मुंबई में अंडरवर्ल्ड जैसा दबदबा बनाने की फिराक में लॉरेंस बिश्नोई गैंग: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस की जांच में क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा

​मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ के मुंबई स्थित आवास के बाहर हुई हालिया फायरिंग की जांच कर रही मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को एक बड़ा और चौंकाने वाला इनपुट मिला है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पंजाब-हरियाणा के बाद अब मुंबई के अंडरवर्ल्ड में ‘डी-कंपनी’ (दाऊद इब्राहिम नेटवर्क) की तर्ज पर अपना स्थायी वर्चस्व और खौफ कायम करने की कोशिश कर रहा है।

​जांच में सामने आए प्रमुख बिंदु:

​डी-कंपनी जैसा सिंडिकेट बनाने का प्रयास: सूत्रों के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग खुद को देश के सबसे बड़े संगठित आपराधिक नेटवर्क के रूप में स्थापित करना चाहता है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में अपनी जड़ें जमाने के बाद अब गैंग मुंबई के कॉर्पोरेट, रियल एस्टेट (बिल्डरों) और बॉलीवुड इंडस्ट्री में दहशत का माहौल बनाकर बड़े पैमाने पर रंगदारी (Extortion) वसूलने की फिराक में है।

​बड़ी हस्ती थी असली टारगेट: क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि टाइगर श्रॉफ के आवास पर हुई फायरिंग का मुख्य मकसद सिर्फ एक व्यक्ति को डराना नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री और कारोबारी वर्ग को अपनी ताकत का संदेश देना था। शुरुआती इनपुट के मुताबिक, हमलावरों का लक्ष्य पहले कोई और बेहद हाई-प्रोफाइल हस्ती थी, लेकिन सुरक्षा घेरे के कारण वहां तक न पहुंच पाने पर उन्होंने रणनीतिक रूप से टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया।

​अंडरवर्ल्ड की पुरानी कार्यशैली: पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मुंबई अंडरवर्ल्ड में इतिहास दोहराया जा रहा है। 1990 के दशक में जिस तरह डी-कंपनी और अन्य गैंग्स ने बॉलीवुड हस्तियों और बड़े कारोबारियों को निशाना बनाकर अपनी समानांतर सत्ता चलाई थी, बिश्नोई गैंग उसी पुरानी रणनीति पर काम कर रहा है।

​सलमान खान और बिश्नोई गैंग का पुराना विवाद:

​जांच एजेंसियों ने इस मामले को अभिनेता सलमान खान से जुड़े बिश्नोई गैंग के पुराने विवाद से भी जोड़कर देखा है:

​काले हिरण शिकार प्रकरण (1998): फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान जोधपुर के कांकाणी गांव में काले हिरण के कथित शिकार मामले में सलमान खान को 2018 में सजा सुनाई गई थी (जिस पर वर्तमान में कानूनी अपील लंबित है)।

​बिश्नोई समाज का धार्मिक सिद्धांत: बिश्नोई समाज वन्यजीव संरक्षण को अपने धर्म का अभिन्न अंग मानता है। इसी मुद्दे को लेकर लॉरेंस बिश्नोई ने कई बार सलमान खान को निशाना बनाने की खुलेआम धमकियां दी हैं और मुंबई में उनके आवास ‘गैलेक्सी अपार्टमेंट’ के बाहर भी पूर्व में गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं।

​फिलहाल, क्राइम ब्रांच और केंद्रीय जांच एजेंसियां हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं और मुंबई में फैले कथित स्लीपर सेल्स तथा वसूली नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हुई हैं।

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