भाजपा का विपक्ष के ‘जन महाभियोग’ पर करारा प्रहार: संबित पात्रा बोले- “देश में पहली वोट चोरी नेहरू जी ने सरदार पटेल का हक छीनकर की थी”
भाजपा का विपक्ष के ‘जन महाभियोग’ पर करारा प्रहार: संबित पात्रा बोले- “देश में पहली वोट चोरी नेहरू जी ने सरदार पटेल का हक छीनकर की थी”
नई दिल्ली: कांग्रेस और ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित सांकेतिक ‘जन महाभियोग’ (मॉक पार्लियामेंट) पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जोरदार पलटवार किया है। ओडिशा के पुरी से भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कांग्रेस के लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े किए।
संबित पात्रा के बयान की प्रमुख बातें:
”असली संसद चलने नहीं देते, नकली संसद का नाटक”: संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लोकतंत्र का मजाक बना रहे हैं। ये वही लोग हैं जो देश की वास्तविक संसद में लगातार हंगामा करके उसकी कार्यवाही ठप करते हैं, और अब बाहर ‘मॉक पार्लियामेंट’ करने का ढोंग रच रहे हैं।
पहली वोट चोरी का ऐतिहासिक आरोप: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘वोट चोरी’ वाले बयान पर तंज कसते हुए भाजपा सांसद ने कहा, “आज जब खड़गे जी वोट चोरी की बात कर रहे थे, तो मुझे इतिहास याद आ गया। देश में पहली वोट चोरी पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी, जब उन्होंने कांग्रेस प्रदेश कमेटियों में सरदार वल्लभभाई पटेल के भारी समर्थन और बहुमत को नजरअंदाज करके प्रधानमंत्री का पद हासिल किया था।”
13 करोड़ नामों के हटने पर ‘ASDD’ फॉर्मूले से दी सफाई:
विपक्ष द्वारा मतदाता सूचियों से लगभग 13 करोड़ नाम हटाए जाने के आरोपों पर संबित पात्रा ने चुनाव आयोग के ASDD फॉर्मूले की विस्तृत व्याख्या की:
A – Absent / Shifted (अनुपस्थित या स्थानांतरित): लगभग 12 करोड़ लोग ऐसे हैं जो एक स्थान से दूसरे स्थान (जैसे जोर बाग से सिविल लाइंस) स्थायी रूप से शिफ्ट हो गए। लोग नया नाम तो जुड़वा लेते हैं या पुराने स्थान से नाम हटाने की प्रक्रिया टाल देते हैं, जिसे सुधारना अनिवार्य है।
S – Shifted (स्थान परिवर्तन): एक जगह से दूसरी जगह जाने के बाद पुराने मतदाता सूची से नाम स्वत: नहीं हटता, उसके लिए प्रक्रिया अपनानी होती है।
D – Death (मृत्यु): जिन मतदाताओं का निधन हो चुका है, उनके नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।
D – Duplicate (दोहरे नाम): यदि किसी नागरिक का नाम दिल्ली और बिहार या आंध्र प्रदेश दोनों जगह की सूची में दर्ज है, तो उसे नियमानुसार एक स्थान का चयन करना होगा। एक व्यक्ति का नाम दो जगह नहीं रह सकता।
SIR पर कांग्रेस के इतिहास को याद दिलाया:
पूर्व में 12 बार हुआ SIR: संबित पात्रा ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कोई नई प्रक्रिया नहीं है। देश में अब तक 12 बार SIR कराया जा चुका है, जिनमें से 10 बार यह प्रक्रिया स्वयं कांग्रेस सरकारों के शासनकाल में पूरी की गई थी।
फर्जी वोटिंग पर रोक से बौखलाहट: उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण से जब फर्जी वोटिंग के रास्ते बंद होते हैं, तो चुनाव में अनुचित लाभ उठाने वाले दलों में स्वाभाविक रूप से असंतोष और निराशा पैदा होती है।
भाजपा ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग का यह कदम भारतीय लोकतंत्र को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक संवैधानिक प्रक्रिया है।

