बनासकांठा में पीएम मोदी ने गिनाईं किसानों के लिए सरकार की उपलब्धियां, बोले- 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का मिला लाभ
बनासकांठा में पीएम मोदी ने गिनाईं किसानों के लिए सरकार की उपलब्धियां, बोले- 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का मिला लाभ
गुजरात के बनासकांठा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कृषि, पशुपालन, सिंचाई और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि बीते वर्षों में केंद्र सरकार की नीतियों और पांच प्रमुख योजनाओं के माध्यम से किसानों को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिला है।
सभा की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि आज टेक्नोलॉजी के जरिए देश और गुजरात का हर किसान जुड़ रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का स्वागत करते हुए सभा की व्यवस्था का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सभा में सभी लोग चौपाइयों पर बैठे हैं। अगर इसकी जानकारी गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को दी गई होती तो शायद आज एक नया रिकॉर्ड बन जाता।
पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त जारी होने पर किसानों को दी बधाई
प्रधानमंत्री ने मां अंबा की पावन धरती को नमन करते हुए कहा कि नवरात्र के कुछ ही दिन बाद यहां आने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि की नई किस्त भी किसानों के खातों में पहुंची है।
पीएम मोदी के मुताबिक, करीब 10 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है। गुजरात के 50 लाख से ज्यादा किसानों को भी इसका लाभ मिला है और उनके खातों में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा हुई है।
उन्होंने कहा कि किसान विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक हैं। सरकार ने हमेशा किसानों को सशक्त बनाने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि किसानों के लिए बजट पहले के मुकाबले पांच गुना से अधिक हो चुका है।
इन पांच योजनाओं से किसानों को मिला बड़ा लाभ
पीएम मोदी ने किसानों के हित में चलाई जा रही पांच योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में इन योजनाओं के जरिए किसानों को बड़ी आर्थिक सहायता मिली है।
1. पीएम किसान सम्मान निधि: प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये सीधे छोटे किसानों के बैंक खातों में पहुंचाए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश में 85 प्रतिशत से अधिक किसान छोटे किसान हैं और पहले उनकी जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
2. खाद पर सब्सिडी: पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण खाद की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है, लेकिन सरकार ने इसका बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया। इसके लिए सरकार ने करीब 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
3. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): प्रधानमंत्री ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में गेहूं और धान के किसानों को एमएसपी के रूप में 24 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों से किया गया एमएसपी का वादा पूरा किया है।
4. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: पीएम मोदी के मुताबिक, इस योजना के तहत पिछले 12 वर्षों में किसानों को दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली है। उन्होंने इसे किसानों के लिए सुरक्षा कवच बताया।
5. सिंचाई और पीएम-कुसुम योजना: प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों की सिंचाई लागत कम हो। पीएम-कुसुम योजना के तहत अब तक 12 लाख सोलर पंप दिए जा चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि इन पंपों की वजह से किसानों को डीजल पर होने वाला खर्च बचाने में मदद मिली है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से किसानों को आर्थिक सहायता के साथ बचत का भी लाभ मिला है। उन्होंने खेती को देश की संस्कृति और परंपरा का हिस्सा बताया।
सॉइल हेल्थ कार्ड और नई किस्मों के बीजों पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में खेती में विज्ञान और तकनीक का व्यापक इस्तेमाल बढ़ा है। सॉइल हेल्थ कार्ड इसका उदाहरण है। पहले किसानों को यह पता लगाने में परेशानी होती थी कि खेत में किस तरह की खाद और कितनी मात्रा की जरूरत है। इस कार्ड के माध्यम से उन्हें मिट्टी की सेहत की जानकारी मिल रही है।
पीएम मोदी ने बताया कि देश में किसानों को 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन खेती के सामने बड़ी चुनौती है। इसे ध्यान में रखते हुए किसानों को मौसम के अनुकूल बीज उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। बीते वर्षों में बीजों की करीब तीन हजार नई किस्में किसानों तक पहुंचाई गई हैं।
पशुपालन को वैज्ञानिक तकनीक से जोड़ने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें महिलाओं की बड़ी भूमिका है। सरकार ने पशुपालन में वैज्ञानिक तरीकों को बढ़ावा दिया है, ताकि दूध उत्पादन और पशुओं की उत्पादकता बढ़ाई जा सके।
उन्होंने राष्ट्रीय गोकुल मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत देशी नस्लों के वैज्ञानिक प्रजनन और संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। बनासकांठा में स्थापित रिसर्च सेंटर इस दिशा में मददगार होगा। आईवीएफ जैसी आधुनिक तकनीकों से भी पशुपालन को मजबूती मिल रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि पशुओं को बीमारियों से बचाना सरकार की प्राथमिकता है। देश में पशुओं के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान चलाया गया है। उनके अनुसार, अब तक पशुओं को 150 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं और आठ करोड़ से अधिक किसानों के पशुओं को इसका लाभ मिला है।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2013-14 में एक गाय या भैंस से प्रतिदिन औसतन पांच लीटर से कम दूध मिलता था, जबकि अब यह औसत बढ़कर करीब आठ लीटर हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुग्ध उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर है और इससे किसान परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिली है।
दो बायो-सीएनजी प्लांट का शिलान्यास, मछली और शहद उत्पादन का भी जिक्र
प्रधानमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम में दो बायो-सीएनजी प्लांट का शिलान्यास भी किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पशुओं को स्वस्थ रखना, दूध उत्पादन बढ़ाना और गोबर का बेहतर उपयोग करना है। पशुपालन को किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साधन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने मछली पालन और समुद्री उत्पादों के निर्यात में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। पीएम मोदी के मुताबिक, भारत का सी-फूड निर्यात दो गुना से अधिक हो गया है और मछली पालन के क्षेत्र में सहकारिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मधुमक्खी पालन को किसानों की आय का एक अन्य स्रोत बताते हुए उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में शहद का उत्पादन दोगुना हुआ है। भारत प्राकृतिक शहद का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है। उन्होंने इस क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी जिक्र किया।
बनासकांठा के आलू को बताया विश्व प्रसिद्ध
पीएम मोदी ने बनासकांठा के आलू की पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि फल और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाया जा रहा है। इसके तहत 12 क्लस्टर स्वीकृत किए गए हैं। ये क्लस्टर टमाटर, हरी मिर्च, अंगूर, केला, प्याज, संतरा, अनार और कोको जैसी फसलों से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए सब्सिडी भी दी जाएगी।
विपक्ष पर साधा निशाना, खाद की कीमतों को लेकर किया दावा
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश का किसान और नौजवान विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन कुछ लोगों को यह अच्छा नहीं लगता। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने देश में अफरातफरी फैलाने और सरकार को बदनाम करने के लिए अफवाहें फैलाईं।
उन्होंने ईरान और खाड़ी देशों के आसपास जारी तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि जब भारत इस चुनौती का सामना करने में जुटा था, तब कुछ लोग किसानों को खाद की कमी को लेकर डराने में लगे थे। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद देश में खाद की कमी नहीं होने दी गई।
पीएम मोदी के अनुसार, दुनिया में यूरिया की एक बोरी की कीमत करीब तीन हजार रुपये तक पहुंच गई है, जबकि भारतीय किसानों को यह 300 रुपये से कम में मिल रही है। इसी तरह डीएपी की बोरी की अंतरराष्ट्रीय कीमत पांच हजार रुपये से अधिक होने के बावजूद भारत में किसानों को यह 1,350 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है।
दो नई रेल सेवाओं को दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री ने गुजरात को मिली दो नई रेल सेवाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही कार्यक्रम में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया।
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने हमेशा जनसेवा के माध्यम से राष्ट्रसेवा और गुजरात के विकास के जरिए देश के विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने देशवासियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वह जीवन के अंतिम क्षण तक जनता की सेवा में जुटे रहेंगे। साथ ही उन्होंने युवाओं से रन फॉर यूनिटी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।

