चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के बाद ओडिशा में बाढ़ का कहर, गंजाम और गजपति जिलों में हालात गंभीर
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के बाद ओडिशा में बाढ़ का कहर, गंजाम और गजपति जिलों में हालात गंभीर
भुवनेश्वर/बरहमपुर: चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से हुई रिकॉर्ड बारिश के कारण दक्षिण ओडिशा के गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में भीषण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। सड़कों और पुलों के बह जाने से सैकड़ों गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है, जिससे हजारों लोग जलमग्न इलाकों में फंसे हुए हैं।
बारिश के टूटे रिकॉर्ड और प्रभावित क्षेत्र:
अभूतपूर्व वर्षा: ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों में गंजाम जिले में सामान्य से 118%, गजपति में 103% और कंधमाल में 123% अधिक वर्षा दर्ज की गई है। गंजाम में बारिश के पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं।
बड़े पैमाने पर नुकसान: गंजाम जिले के 22 ब्लॉकों और 18 शहरी स्थानीय निकायों के 386 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। अकेले गंजाम में लगभग 43,000 लोग प्रभावित हैं।
बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान:
तटरक्षक बल और नौसेना का एयरलिफ्ट अभियान: भारतीय तटरक्षक बल के ALH Mk-III हेलीकॉप्टर ने जगमोहन स्थित जलमग्न स्वास्थ्य केंद्र से महिलाओं और बच्चों सहित 6 लोगों को सुरक्षित निकाला। वहीं, भारतीय नौसेना के 4 हेलीकॉप्टरों ने गंजाम के 21 बाढ़ प्रभावित स्थानों पर खाद्य पैकेट और राहत सामग्री एयरड्रॉप की।
अग्निशमन व ODRAF की कार्रवाई: अग्निशमन और ओडीआरएएफ (ODRAF) टीमों ने बरहमपुर से 303, छत्रपुर से 359, गजपति से 31 और कंधमाल से 91 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है।
राहत शिविरों की स्थिति: वर्तमान में गंजाम में 352 राहत केंद्र (23,300 शरणार्थी) और गजपति में 340 राहत केंद्र (21,782 शरणार्थी) संचालित किए जा रहे हैं।
स्थिति में सुधार की उम्मीद और हवाई सर्वेक्षण:
मौसम में सुधार: पिछले 24 घंटों में बारिश रुकने और जलस्तर घटने से बचाव टीमों को सुदूर गांवों तक पहुंचने में मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री का दौरा: मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने गंजाम और अन्य प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति की समीक्षा की है। शीघ्र ही एक केंद्रीय दल भी नुकसान का आकलन करने ओडिशा पहुंचेगा।

