राजनीति

बनासकांठा में गूंजा ‘मोदी कहीं नहीं जाएंगे’ का नारा: खड़गे की टिप्पणी के बाद उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कांग्रेस पर बोला तीखा हमला

बनासकांठा में गूंजा ‘मोदी कहीं नहीं जाएंगे’ का नारा: खड़गे की टिप्पणी के बाद उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कांग्रेस पर बोला तीखा हमला

​बनासकांठा (गुजरात): कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के बाद शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब गुजरात की राजनीति में गर्मा गया है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी के बनासकांठा दौरे के दौरान ‘मोदी कहीं नहीं जाएंगे’ का नारा जोर-शोर से गूंजा। भिलड़ी में आयोजित विकास परियोजनाओं के उद्घाटन कार्यक्रम में गुजरात के उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इस नारे के जरिए पीएम मोदी के प्रति देश की जनता के समर्थन और एकजुटता का संदेश दिया।

​हर्ष संघवी का कांग्रेस पर तीखा हमला और नारे का संदर्भ:

​खड़गे की टिप्पणी का जवाब: 25 अक्टूबर को पटना में एक कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ जैसी विवादित टिप्पणी की थी। भाजपा ने इसे पीएम के दिवंगत माता-पिता का अपमान बताते हुए कड़ा विरोध जताया था।

​विकसित भारत से जुड़ा नारा: उप-मुख्यमंत्री संघवी ने कहा कि जब तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं बन जाता, देश से गरीबी खत्म नहीं हो जाती, लखपति दीदियों की संख्या नहीं बढ़ जाती, और भारत पूरी तरह ‘आत्मनिर्भर’ नहीं हो जाता, तब तक “मोदी कहीं नहीं जाएंगे।”

​कश्मीर से कन्याकुमारी तक समर्थन: संघवी ने कहा कि देश की जनता ने अपमानजनक भाषा का जवाब अपने अटूट समर्थन से दिया है और पूरे देश में एक ही आवाज़ गूंज रही है।

​बनासकांठा के विकास और बनास डेयरी का कायाकल्प:

​कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष एवं बनास डेयरी के चेयरमैन शंकर चौधरी तथा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी संबोधित किया:

​जल और बिजली की क्रांति: वक्ताओं ने याद दिलाया कि 20-25 साल पहले बनासकांठा में पानी और बिजली की भारी किल्लत थी, जिसके कारण लोगों को पलायन (जैसे उप-मुख्यमंत्री के परिवार को सूरत) करना पड़ा था। नर्मदा के पानी, सुजलाम-सुफलाम नहर नेटवर्क और 24 घंटे बिजली की बदौलत आज बनासकांठा देश का प्रमुख डेयरी हब बन चुका है।

​बनास डेयरी का मुनाफा: 2003 में बनास डेयरी से पशुपालकों को मिलने वाला सालाना लाभ जो महज ₹30 करोड़ था, वह आज बढ़कर ₹1,400 करोड़ से अधिक हो गया है।

​गोवर्धन योजना व बोवाइन ब्रीडिंग सेंटर: ‘गोवर्धन योजना’ के जरिए गोबर से खाद बनाकर पशुपालक सालाना ₹100 करोड़ से अधिक कमा रहे हैं। नवनिर्मित ‘भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर’ का उद्देश्य उन्नत नस्ल तैयार कर दुग्ध उत्पादन को चार गुना तक बढ़ाना है।

​ऐतिहासिक अवसर:

​प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके पहले शपथ ग्रहण (7 अक्टूबर 2001) के 25 साल पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर से भी जुड़ा हुआ है। भिलड़ी कार्यक्रम से ही पीएम-किसान की 24वीं किस्त जारी करने के साथ-साथ डेयरी, कृषि और बुनियादी ढांचे की कई प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया।

 

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