शेख हसीना के फ्लाइट वीडियो से जुड़े पूर्व एयरफोर्स अफसर केएम तहसीफ की रहस्यमय मौत
ढाका: बांग्लादेश एयरफोर्स के पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट केएम तहसीफ सौरी (28) का शव 28 अक्टूबर 2026 को ढाका के तुराग नदी से बरामद किया गया। वे एक दिन पहले 27 अक्टूबर को लापता हो गए थे। परिवार हत्या का आरोप लगा रहा है, जबकि पुलिस जांच कर रही है।
क्या हुआ?
27 अक्टूबर को तहसीफ ने दिनभर अपनी मां के साथ खरीदारी की। शाम को एक परिचित/दोस्त (द्वीप) के फोन पर घर से निकले।
रात करीब 1:35 बजे मां को मैसेज किया—“अम्मू, मैं आ रहा हूं।” उसके बाद फोन बंद हो गया।
28 अक्टूबर दोपहर तुराग नदी के राजाबाड़ी घाट इलाके से उनका शव बरामद हुआ। काली शर्ट और सफेद पैंट पहने थे। जेब में आईफोन और कलाई में घड़ी मिली, जिससे पहचान हुई।
शव शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। प्रारंभिक जांच (इनक्वेस्ट) में बाहरी चोट के निशान नहीं मिले, लेकिन नाक से खून और पेट फूला हुआ बताया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
परिवार का आरोप
परिवार का कहना है कि यह हत्या है। कजिन मोशफेका जहां ने फेसबुक पर लिखा कि तहसीफ को वीडियो के कारण लगातार दबाव और परेशानी का सामना करना पड़ा। पिता केएम इनायतूल करीम हेलाल ने भी हत्या का संदेह जताया है।
केएम तहसीफ सौरी कौन थे?
बांग्लादेश एयरफोर्स के पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट, उम्र करीब 28 साल।
अगस्त 2024 में (शेख हसीना सरकार गिरने के आसपास) सेवा से बर्खास्त/रिटायर किए गए थे।
5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़कर भारत जाते समय एयरफोर्स विमान (सी-130जे) से संबंधित वायरल वीडियो से उनका नाम जुड़ा। कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि उन्होंने वीडियो रिकॉर्ड या शेयर किया। एक कजिन का दावा है कि उन्होंने खुद रिकॉर्ड नहीं किया, बल्कि एक सहयोगी का वीडियो शेयर किया।
जुलाई 2026 के एक पॉडकास्ट में जब उनसे पूछा गया कि क्या वीडियो की वजह से नौकरी गई, तो उन्होंने संक्षेप में कहा—“could be” (हो सकता है)।
उन पर पहले भारतीय खुफिया एजेंसी से जुड़े होने जैसे आरोप भी लगे थे, जिन्हें उन्होंने प्रचार बताया था।
नवीनतम अपडेट (30 अक्टूबर 2026 तक)
तहसीफ को उत्तरा सेक्टर-12 में दफनाया जा चुका है।
पुलिस ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (पीबीआई) ने उनके दोस्त अहमद शाहरीयार रजा द्वीप को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। सीसीटीवी में दोनों को मोटरसाइकिल पर घर से निकलते देखा गया था।
द्वीप ने जांच में दावा किया है कि कुछ लोगों ने उनका पीछा किया, जिसके बाद तहसीफ नदी में कूद गए (यह बयान पहले दिए गए बयान से अलग है)।
गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने वीडियो से जुड़ी दुश्मनी की संभावना पर फिलहाल टिप्पणी करने से इनकार किया।
मृत्यु का असली कारण अभी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पर निर्भर है। परिवार हत्या बता रहा है, जबकि पुलिस ने अभी तक कोई ठोस निष्कर्ष नहीं दिया है। यह मामला बांग्लादेश में 2024 के राजनीतिक उथल-पुथल से जुड़े पुराने विवादों को फिर से चर्चा में लाया है।

