नीम करोली बाबा का वृंदावन से गहरा नाता: 11 सितंबर 1973 को ली थी महासमाधि, वहीं स्थित है पावन समाधि स्थल
नीम करोली बाबा का वृंदावन से गहरा नाता: 11 सितंबर 1973 को ली थी महासमाधि, वहीं स्थित है पावन समाधि स्थल
वृंदावन: नीम करोली बाबा का जिक्र आते ही भले ही उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम का ख्याल आता हो, लेकिन बाबा के जीवन का अंतिम पड़ाव और उनकी मुख्य समाधि वृंदावन में ही स्थित है। भगवान हनुमान के परम भक्त और ‘कंबल वाले बाबा’ के नाम से विख्यात नीम करोली बाबा ने 11 सितंबर 1973 को वृंदावन में ही अपनी देह त्यागकर महासमाधि ली थी।
कैंची धाम से वृंदावन तक का आध्यात्मिक सफर: जहां नैनीताल स्थित कैंची धाम बाबा की मुख्य तपोस्थली के रूप में प्रसिद्ध हुआ, वहीं श्री कृष्ण की नगरी वृंदावन से उनका गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव रहा। सादे जीवन, प्रेम और निस्वार्थ सेवा का संदेश देने वाले बाबा के भक्तों में स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसी वैश्विक हस्तियां भी शामिल रही हैं।
अंतिम समय और महासमाधि: सितंबर 1973 में अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने पर बाबा को इलाज के लिए वृंदावन के रामकृष्ण मिशन अस्पताल लाया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। आज भी देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु वृंदावन स्थित उनकी पावन समाधि और कैंची धाम आश्रम में नतमस्तक होने पहुंचते हैं।
