Tuesday, September 8, 2026
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बलूचिस्तान में पाकिस्तानी बलों का ड्रोन हमला और मानवाधिकार उल्लंघन: 6 अज्ञात शव मिलने पर उठे सवाल; BLA ने 28 हमलों में भारी नुकसान का दावा किया

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी बलों का ड्रोन हमला और मानवाधिकार उल्लंघन: 6 अज्ञात शव मिलने पर उठे सवाल; BLA ने 28 हमलों में भारी नुकसान का दावा किया

​क्वेटा/मस्तुंग: बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले के खड़कोचा (गारो क्षेत्र) इलाके में पाकिस्तानी सैन्य बलों द्वारा किए गए एक ड्रोन हमले में एक बच्चे समेत तीन नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को नवाब गौस बख्श रईसानी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में भारी दहशत का माहौल है, जहाँ स्थानीय नागरिक पहले से ही सैन्य प्रतिबंधों और आवाजाही पर रोक का सामना कर रहे हैं।

​1. 6 अज्ञात शवों की बरामदगी और बीवीजे (BVJ) की जांच की मांग

​यातना के निशान: ‘बलूच वॉइस फॉर जस्टिस’ (BVJ) के अनुसार, मस्तुंग में दो अलग-अलग स्थानों से 6 अज्ञात शव बरामद किए गए हैं, जिन पर बर्बर यातना के निशान हैं।

​जबरन गायब करने का आरोप: बीवीजे ने आशंका जताई है कि ये शव उन बलूच युवाओं के हो सकते हैं जिन्हें पूर्व में पाकिस्तानी सेना द्वारा जबरन गायब (Enforced Disappearances) किया गया था।

​साक्ष्य छिपाने का प्रयास: शवों को पुलिस अधिकारी की देखरेख में अस्पताल और फिर क्वेटा ले जाया गया, लेकिन बाद में पुनः मुख्य हाईवे पर फेंककर एक पिकअप वाहन से अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया। बीवीजे का आरोप है कि युवाओं को हिरासत में मारकर फर्जी मुठभेड़ का रूप दिया जाता है।

​अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग: मानवाधिकार संगठन ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से शवों की तत्काल पहचान और पारदर्शी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

​2. बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का 28 हमलों और भारी तबाही का दावा

​बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बयान जारी कर दावा किया है कि 1 से 7 सितंबर के बीच उसने पूरे प्रांत में 28 सशस्त्र अभियान चलाकर पाकिस्तानी सेना को जान-माल का भारी नुकसान पहुँचाया है:

​खुफिया एजेंट की हत्या: 7 सितंबर को क्वेटा के हजार गंजि में बीएलए के इंटेलिजेंस विंग ‘जिराब’ की निगरानी के बाद ‘मिलिट्री इंटेलिजेंस’ (MI) के कथित एजेंट रहमत सईद की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

​सेना के कैंप और प्रोजेक्ट्स पर हमले: उसी दिन खारन के अल्बाट में सेना के मुख्य कैंप पर स्नाइपर और मोर्टार हमले किए गए। वहीं, कलात में ‘सैंदक प्रोजेक्ट’ के वाहनों व सैन्य काफिले को निशाना बनाया गया।

​इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान: 6 सितंबर को झाल मगसी में सेना के एक गेस्ट हाउस को विस्फोट से उड़ा दिया गया और किला अब्दुल्ला में सेना की एयरपोर्ट साइट व उपकरणों को आग के हवाले कर दिया गया।

​काफिलों पर आईईडी (IED) व आत्मघाती/रिमोट ब्लास्ट:

​3 सितंबर को विस्फोटक से भरे वाहन के रिमोट-कंट्रोल ब्लास्ट में सेना का वाहन नष्ट हुआ और 7 जवान मारे गए।

​मस्तुंग के गारो में आईईडी से बख्तरबंद गाड़ी उड़ाने और घात लगाकर किए हमले में 4 जवान मारे गए और 7 घायल हुए।

​कलात के टूक इलाके में भी सैन्य काफिले पर बड़ा हमला कर भारी नुकसान पहुँचाने का दावा किया गया है।

​बीएलए ने स्पष्ट किया है कि बलूचिस्तान की पूर्ण “आजादी” का लक्ष्य हासिल होने तक पाकिस्तानी सेना के खिलाफ उनके ये अभियान जारी रहेंगे।

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