श्री नंदा राजराजेश्वरी बड़ी जात यात्रा: कुरुड़ से कैलाश की ओर बढ़ीं तीनों देव डोलियाँ; अपने-अपने तीसरे पड़ाव पर पहुँचीं
श्री नंदा राजराजेश्वरी बड़ी जात यात्रा: कुरुड़ से कैलाश की ओर बढ़ीं तीनों देव डोलियाँ; अपने-अपने तीसरे पड़ाव पर पहुँचीं
चमोली/कुरुड़: सिद्धपीठ कुरुड़ से कैलाश धाम के लिए रवाना हुई श्री नंदा राजराजेश्वरी बड़ी जात यात्रा की तीनों प्रमुख देव डोलियाँ अपने-अपने निर्धारित तीसरे पड़ाव पर पहुँच गई हैं। पूरी यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा देव डोलियों का भव्य स्वागत किया गया और भक्तों ने माँ नंदा की पूजा-अर्चना कर मन्नतें माँगीं। यात्रा में शामिल चौसिंगा खाड़ू (चार सींग वाले मेढ़े) भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
1. बधाण की डोली (तीसरा पड़ाव: भेंटी गांव)
यात्रा मार्ग: नंदाधाम कुरुड़ से रवाना हुई बधाण की उत्सव डोली उस्तोली, सरपाणी और लाखी होते हुए करीब 8 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर अपने तीसरे पड़ाव भेंटी गांव पहुँची।
पूजा-अर्चना: भेंटी गांव में द्वारी माता के पूजन के साथ देवी की विशेष पूजा शुरू हुई, जिसे मंदिर समिति अध्यक्ष नरेश गौड़ व पुजारियों ने संपन्न कराया।
अगला पड़ाव: मंगलवार को यह डोली भेंटी से स्यारी व बंगाली होते हुए लगभग 15 किमी पैदल चलकर थराली विकासखंड के सोल डुंग्री गांव पहुँचेगी।
2. दशोली की डोली (तीसरा पड़ाव: कांडई गांव)
यात्रा मार्ग: दूसरे पड़ाव लुणतरा से रवाना होकर यह डोली काण्डा, खुनाणा, लामसोड़ा, माणखी, चोपड़ाकोट और घारी होते हुए 20 किमी की दूरी तय कर कांडई गांव पहुँची।
विशेष आकर्षण: डोली के साथ चल रहे दो ‘चौसिंगा खाड़ू’ भक्तों के आकर्षण का केंद्र हैं, जिनकी जगह-जगह पूजा कर चढ़ावा चढ़ाया जा रहा है।
अगला पड़ाव: मंगलवार को यह डोली कांडई से खलतरा, मोठा और चाका होते हुए करीब 15 किमी दूर सेमा गांव पहुँचेगी।
3. बंड की डोली (तीसरा पड़ाव: दिगोली गांव)
यात्रा मार्ग: तीसरे पड़ाव की ओर बढ़ते हुए बंड की डोली दूसरे पड़ाव बटुला से शेकोट और ल्वांह होते हुए 6 किमी की पैदल दूरी तय कर दिगोली गांव स्थित नंदा देवी मंदिर पहुँची।
अगला पड़ाव: मंगलवार को दिगोली से ल्वाह, क्योठा, गडोरा, मल्ला और अक्थला होते हुए डोली अपने चौथे पड़ाव नोरख गांव पहुँचेगी, जहाँ देवी पूजन होगा।
4. श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
आयोजन समिति का वक्तव्य: श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी बड़ी जात आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि यात्रा को लेकर स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं में ज़बरदस्त उत्साह है।
संख्या बढ़ने की उम्मीद: यात्रा मार्ग पर हो रहे भव्य स्वागत को देखते हुए आने वाले दिनों में भक्तों की संख्या में और अधिक इजाफा होने की संभावना जताई गई है।
