Tuesday, September 8, 2026
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उत्तरी यमन: हूती नियंत्रित अल-जौफ की जेल पर हवाई हमला, महिलाओं व बच्चों समेत कई हताहत; UN ने जताई गहरी चिंता

उत्तरी यमन: हूती नियंत्रित अल-जौफ की जेल पर हवाई हमला, महिलाओं व बच्चों समेत कई हताहत; UN ने जताई गहरी चिंता

​सना/अल-हजम: उत्तरी यमन के हूती-नियंत्रित अल-जौफ प्रांत की राजधानी अल-हजम स्थित एक जेल पर हुए भीषण हवाई हमले में कई लोगों के हताहत होने की खबर है। हूती-संचालित ‘अल-मसीरा टीवी’ ने इस हमले के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। जेल निदेशक के अनुसार, मलबे के नीचे 35 कैदी और अपने पति से मिलने आई एक महिला दबी हुई हैं, जिन्हें निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है।

​1. हवाई हमला और हूती सैन्य प्रवक्ता की प्रतिक्रिया

​जेल को भारी नुकसान: टीवी रिपोर्टों में जेल की इमारत को भारी क्षति पहुँची दिखाई गई है। सऊदी अरब की ओर से इस हमले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

​जवाबी कार्रवाई की चेतावनी: हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारिया ने सोशल मीडिया पर कहा कि यमन में सऊदी सैन्य कार्रवाइयों—जिनमें हवाई हमले, निगरानी उड़ानें और यमनी सरकारी बलों को हथियारों की आपूर्ति शामिल है—का कड़ा जवाब दिया जाएगा।

​2. यमन संघर्ष की पृष्ठभूमि और बढ़ता तनाव

​वर्ष 2014 से संघर्ष: यमन 2014 के अंत से गृहयुद्ध झेल रहा है, जब हूती लड़ाकों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके जवाब में 2015 में सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के पक्ष में सैन्य हस्तक्षेप किया था।

​कमज़ोर पड़ता युद्धविराम: अप्रैल 2022 में लागू हुआ संयुक्त राष्ट्र का औपचारिक युद्धविराम छह महीने बाद खत्म हो गया था, जिसके बाद से बना अनौपचारिक युद्धविराम अब फिर खतरे में है।

​सऊदी संपत्तियों पर हमले: हूती समूह ने हाल ही में सऊदी तेल टैंकरों और ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों की जिम्मेदारी ली है।

​3. संयुक्त राष्ट्र (UN) की चेतावनी और अपील

​यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैंस ग्रंडबर्ग ने हालिया हिंसक घटनाक्रमों को ‘बेहद चिंताजनक’ करार दिया है:

​आम नागरिकों पर खतरा: ग्रंडबर्ग ने कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान और आम लोगों का विस्थापन अत्यंत दुखद है। यदि बड़े पैमाने पर लड़ाई फिर शुरू होती है, तो इसका सबसे भयानक असर आम जनता पर पड़ेगा।

​संयम की अपील: UN दूत ने सभी पक्षों से हिंसा रोकने, अधिकतम संयम बरतने और तनाव कम करने के लिए ‘मिलिट्री कोऑर्डिनेशन कमेटी’ जैसे संवाद तंत्रों का उपयोग करने की अपील की है।

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