Tuesday, September 8, 2026
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रूस-भारत संबंध: रूसी ऊर्जा आयात में नया रिकॉर्ड, रुपया भुगतान मुद्दा सुलझने की राह पर; पुतिन नई दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे

रूस-भारत संबंध: रूसी ऊर्जा आयात में नया रिकॉर्ड, रुपया भुगतान मुद्दा सुलझने की राह पर; पुतिन नई दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे

​मास्को/नई दिल्ली: भारत में आयोजित होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले क्रेमलिन (रूस) ने भारत और रूस के बीच बढ़ते व्यापारिक व रणनीतिक संबंधों पर महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। मंगलवार को भारतीय पत्रकारों के साथ वर्चुअल बातचीत में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने स्पष्ट किया कि भारत द्वारा रूसी ऊर्जा आयात में कोई कमी नहीं आई है और दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार लगभग हर महीने नया रिकॉर्ड बना रहा है।

​1. ऊर्जा आयात और रुपया-भुगतान संतुलन

​ऊर्जा व्यापार में उछाल: पेस्कोव ने बताया कि सुरक्षा कारणों से सटीक आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं, लेकिन भारत को रूसी ऊर्जा निर्यात लगातार बढ़ रहा है।

​रुपया भुगतान मुद्दा: द्विपक्षीय व्यापार के तहत जमा हुई भारतीय रुपये की बकाया राशि से जुड़ी समस्याओं पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का समाधान धीरे-धीरे और सकारात्मक दिशा में निकाला जा रहा है।

​2. रक्षा तकनीक और रेयर अर्थ्स पर सहयोग

​दुर्लभ मृदा खनिज (Rare Earths): भारत और रूस दुर्लभ मृदा खनिजों की खोज और विकास के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को लेकर बातचीत कर रहे हैं।

​सुखोई Su-57 लड़ाकू विमान: रूस के अत्याधुनिक ‘सुखोई एसयू-57 स्टेल्थ लड़ाकू विमान’ की भारत को संभावित बिक्री का मुद्दा भी दोनों देशों के चर्चा एजेंडे में शामिल है।

​3. ‘डी-डॉलराइजेशन’ और राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार

​व्यावहारिक कदम: पेस्कोव ने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स देशों द्वारा स्थानीय/राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाना किसी ‘डी-डॉलराइजेशन’ अभियान का हिस्सा नहीं है, बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा का व्यावहारिक कदम है।

​पश्चिम के प्रतिबंध: डॉलर और यूरो पर लगे प्रतिबंधों के कारण रूस ने अपनी मुद्रा में व्यापार बढ़ाया, हालांकि वह सभी स्वीकार्य भुगतान प्रणालियों के लिए खुला है।

​4. ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 2026 और पीएम मोदी-पुतिन वार्ता

​पुतिन का भारत दौरा: क्रेमलिन ने पुष्टि की कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से भाग लेंगे।

​द्विपक्षीय बैठक: शुक्रवार को राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसमें व्यापार, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा मुख्य एजेंडा रहेंगे।

​2026 की थीम: भारत की अध्यक्षता में इस वर्ष ब्रिक्स की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” है।

​विस्तारित ब्रिक्स समूह: समूह में अब ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और यूएई शामिल हैं। इसके अतिरिक्त मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, वियतनाम जैसे 10 साझेदार देश भी वैश्विक आर्थिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

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