रूस-यूक्रेन युद्ध: 3 दिवसीय संघर्षविराम समझौता चंद घंटों में ध्वस्त; अमेरिकी दूतों के जाते ही कीव समेत कई इलाकों पर रूस का भीषण हमला
रूस-यूक्रेन युद्ध: 3 दिवसीय संघर्षविराम समझौता चंद घंटों में ध्वस्त; अमेरिकी दूतों के जाते ही कीव समेत कई इलाकों पर रूस का भीषण हमला
कीव: अमेरिकी शांति दूतों की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिनों के संघर्षविराम पर बनी सहमति कुछ ही घंटों के भीतर पूरी तरह धराशाई हो गई। सोमवार रात रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव और कई अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर मिसाइलों और ड्रोन से बड़े पैमाने पर घातक हमला किया। इन हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दस अन्य घायल हुए हैं।
1. राष्ट्रपति जेलेंस्की और विदेश मंत्रालय का बयान
जानबूझकर किया गया हमला: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यह एक बेहद घातक और पूर्व-नियोजित हमला था, जिसे रूसियों ने अधिकतम तबाही मचाने के इरादे से अंजाम दिया।
घातक हथियारों का इस्तेमाल: रूस ने हमले में बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें, एंटी-शिप मिसाइलें और जेट-संचालित ‘शाहेद’ (Shahed) ड्रोन का इस्तेमाल किया।
दूतों के लौटते ही प्रहार: यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के शांति दूतों के कीव से रवाना होते ही यह आक्रामक हमला किया गया।
2. प्रभावित क्षेत्र और तबाही का ब्योरा
कीव (Kyiv): रिहायशी इमारतों, नागरिक बुनियादी ढांचे और महत्वपूर्ण ऊर्जा/बिजली तंत्र को भारी नुकसान पहुँचा।
ओडेसा (Odesa): रूस ने एक आम नागरिक बाजार (General Market) को निशाना बनाया।
खार्किव (Kharkiv): एक अपार्टमेंट की इमारत क्षतिग्रस्त हुई और दो लोग घायल हुए।
सुमी (Sumy): मंगलवार सुबह एक रेलवे स्टेशन पर खड़ी रेल इंजन पर हमला किया गया।
अन्य क्षेत्र: जापोरिज्जिया और निप्रो क्षेत्रों में भी भारी बमबारी दर्ज की गई।
3. वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense) की स्थिति और मांग
175 हवाई लक्ष्य ध्वस्त: यूक्रेनी रक्षा बलों ने रातभर में 175 रूसी हवाई लक्ष्यों को मार गिराया, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों के भारी हमले के कारण सभी खतरों को नाकाम करना संभव नहीं हो सका।
’फ्रेया’ प्रणाली और इंटरसेप्टर की तत्काल जरूरत: यूक्रेन ने अमेरिकी और यूरोपीय सहयोगियों से अतिरिक्त एयर डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइलों की तत्काल आपूर्ति की मांग की है। यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने और उसकी ‘फ्रेया’ (Freya) एंटी-बैलिस्टिक प्रणाली को समर्थन देने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदार कंपनियों के साथ आपातकालीन बैठकें जारी हैं।
