मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह’ में शिक्षकों को किया सम्मानित; मेधावी छात्रों को बांटी छात्रवृत्ति; ₹86 करोड़ की विकास योजनाओं को दी मंजूरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह’ में शिक्षकों को किया सम्मानित; मेधावी छात्रों को बांटी छात्रवृत्ति; ₹86 करोड़ की विकास योजनाओं को दी मंजूरी
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय (मुख्य सेवक सदन) में ‘कुसुम कांता फाउंडेशन’ एवं ‘मंथन वेलफेयर एसोसिएशन’ द्वारा आयोजित ‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह एवं छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम’ में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया और मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और मंदिर सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों के लिए ₹86 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की।
1. ज्ञान गंगा सम्मान समारोह: मुख्यमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु
शिक्षक का महत्व: मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल कक्षा में किसी विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है। किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों को संस्कार, अनुशासन और सकारात्मक मार्गदर्शन देना बेहद जरूरी है।
फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना: उन्होंने स्व. श्रीमती कुसुम कांता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कुसुम कांता फाउंडेशन और मंथन वेलफेयर एसोसिएशन पिछले छह वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास और डिजिटल साक्षरता के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP): मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आधुनिक और व्यावहारिक शिक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है और उत्तराखंड इसे लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है।
विद्यार्थियों को संदेश: उन्होंने छात्र-छात्राओं से असफलता से सीखकर आगे बढ़ने, बड़े सपने देखने और सबसे पहले एक अच्छा इंसान व जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ का वक्तव्य: पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने अपनी स्व. धर्मपत्नी कुसुम कांता के शिक्षा व समाज सेवा के प्रति समर्पण को याद किया और कहा कि शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों में ज्ञान व कर्तव्यबोध विकसित करना ही राष्ट्र निर्माण का मुख्य आधार है।
2. राज्य के विकास कार्यों के लिए ₹86 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश भर में बुनियादी ढांचे, शिक्षा संस्थान और सांस्कृतिक-धार्मिक स्थलों के विकास के लिए ₹86 करोड़ की धनराशि मंजूर की:
पंतनगर विश्वविद्यालय (शिक्षा): गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के वेतन-भत्ते आदि के लिए ₹150 करोड़ के सापेक्ष द्वितीय किश्त के रूप में ₹80.00 करोड़ स्वीकृत किए गए।
अल्मोड़ा (रानीखेत): ताड़ीखेत के तहत दूभणा चमूथान मंदिर, झूला देवी मंदिर, रानीखेत शिव मंदिर, बिल्लेख देवी मंदिर, चमड़खान ग्येल देवता मंदिर और खुशालकोट शिव मंदिर के सौन्दर्यीकरण हेतु ₹3.34 करोड़ का अनुमोदन।
देहरादून (डोईवाला): अठूरवाला टिहरी विस्थापित क्षेत्र में घंटाघर निर्माण के लिए ₹97 लाख मंजूर।
पिथौरागढ़: न्याय पंचायत बीसाबजेड से ग्राम विपुल संपर्क सीसी रेलिंग मार्ग निर्माण हेतु ₹49.64 लाख स्वीकृत।
चमोली (थराली विधानसभा): नंदानगर के सुतोल में ध्योसिंह धाम मंदिर (₹19.56 लाख), रामणी में गोरिया राजा मंदिर (₹9.93 लाख), चोपता चौरी में माँ गिरिजा भवानी मंदिर धर्मशाला (₹33.72 लाख), नारायणबगड़ के मींग में मींगेश्वर मंदिर (₹20.24 लाख) तथा कौब के महादेव मंदिर (₹39.62 लाख) के सौन्दर्यीकरण एवं निर्माण कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति दी गई।
