इंडोनेशिया में अनाक क्राकाटाऊ ज्वालामुखी का भीषण विस्फोट: राख के गुबार से जकार्ता के हवाईअड्डे बंद; 3,000 उड़ानें प्रभावित, 3.4 लाख यात्री फंसे
इंडोनेशिया में अनाक क्राकाटाऊ ज्वालामुखी का भीषण विस्फोट: राख के गुबार से जकार्ता के हवाईअड्डे बंद; 3,000 उड़ानें प्रभावित, 3.4 लाख यात्री फंसे
जकार्ता: इंडोनेशिया के कुख्यात ‘अनाक क्राकाटाऊ’ (Anak Krakatau) ज्वालामुखी में हुए अचानक और भयंकर विस्फोट के कारण देश का संपूर्ण विमानन क्षेत्र बुरी तरह चरमरा गया है। ज्वालामुखी से निकली राख और लावे की घनी चादर राजधानी जकार्ता और आसपास के लाम्पुंग प्रांत के हवाई क्षेत्र में फैल गई है। सुरक्षा कारणों से लगभग 3,000 उड़ानें प्रभावित/रद्द कर दी गई हैं, जिससे 3 लाख 40 हजार से अधिक यात्री विभिन्न हवाईअड्डों पर फंस गए हैं।
1. विस्फोट का प्रभाव और हवाई सुरक्षा पर खतरा
शुक्रवार देर रात विस्फोट: राजधानी जकार्ता से लगभग 150 किलोमीटर दूर स्थित अनाक क्राकाटाऊ में शुक्रवार देर रात भयंकर विस्फोट शुरू हुआ, जिससे आसमान में मीलों ऊंची राख की चादर छा गई।
जेट इंजनों के लिए जोखिम: ज्वालामुखी की राख विमानों के जेट इंजनों के लिए बेहद घातक मानी जाती है, जिसके कारण विजिबिलिटी कम होते ही उड्डयन अधिकारियों ने उड़ानों का संचालन तत्काल रोक दिया।
2. जकार्ता के दोनों प्रमुख हवाईअड्डे बंद
सोएकार्नो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा: देश के सबसे व्यस्त इस एयरपोर्ट पर सुबह 6 बजे उड़ानें बहाल करने की योजना थी, लेकिन हवा में राख की मौजूदगी के कारण संचालन टालना पड़ा。 अब सोमवार आधी रात (12 बजे) से उड़ानों को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की तैयारी है।
हलीम पेरदानाकुसुमा एयरपोर्ट: नागरिक और सैन्य उड़ानों के लिए उपयोग किए जाने वाले इस हवाईअड्डे को भी सोमवार आधी रात तक के लिए पूरी तरह से बंद रखा गया है।
3. टर्मिनलों पर अफरा-तफरी और यात्रियों की परेशानी
लंबी कतारें: सोएकार्नो-हट्टा एयरपोर्ट के डिपार्चर हॉल में हज़ारों यात्री टिकट रिफंड, कैंसिलेशन और नए री-शेड्यूल की जानकारी के लिए एयरलाइन काउंटरों पर कतारों में लगे हुए हैं।
यात्रियों की जुबानी: पूर्वी जावा के मलांग से जकार्ता लौट रही यात्री फिन्ना के अनुसार, उड़ानों का समय बार-बार बदलने और स्पष्ट जानकारी न मिलने से हवाईअड्डे पर अव्यवस्था तथा यात्रियों को भारी मानसिक व शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
