लंबे समय तक बैठे रहना सेहत के लिए हो सकता है नुकसानदायक, बीच-बीच में चलना जरूरी
लंबे समय तक बैठे रहना सेहत के लिए हो सकता है नुकसानदायक, बीच-बीच में चलना जरूरी
आजकल कंप्यूटर और लैपटॉप पर लंबे समय तक बैठकर काम करना आम हो गया है। कई लोग घंटों तक एक ही जगह बैठे रहते हैं और खाना, चाय या फोन पर बात जैसी चीजें भी सीट से उठे बिना करते हैं। यह आदत शरीर की सक्रियता कम कर सकती है और लंबे समय में स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है।
दिल की सेहत पर पड़ सकता है असर
वैज्ञानिक शोधों में लंबे समय तक बैठे रहने और हृदय संबंधी बीमारियों के बीच संबंध पाया गया है। लंबे समय तक कम सक्रिय रहने से वजन बढ़ने, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है, जो आगे चलकर दिल की सेहत को प्रभावित कर सकता है।
2024 में प्रकाशित एक रिसर्च में करीब 4.8 लाख लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसमें काम के दौरान ज्यादातर समय बैठे रहने वाले लोगों में दिल की बीमारी से मौत का खतरा अपेक्षाकृत अधिक पाया गया। वहीं, थोड़ी ज्यादा शारीरिक गतिविधि करने से इस जोखिम को कम करने में मदद मिलने की बात सामने आई।
एक्सरसाइज के साथ छोटे ब्रेक भी जरूरी
सिर्फ सुबह या शाम एक्सरसाइज करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, अगर बाकी दिन लगातार बैठे रहना हो। लंबे समय तक बैठने से पैरों की मांसपेशियां कम सक्रिय रहती हैं और कुछ लोगों को पैरों में भारीपन, अकड़न या हल्की सूजन महसूस हो सकती है।
इसलिए काम के बीच समय-समय पर उठकर कुछ कदम चलना फायदेमंद हो सकता है। फोन पर बात करते समय खड़े होना, पानी लेने के लिए खुद उठकर जाना और लंच के बाद थोड़ी देर पैदल चलना आसान विकल्प हैं।
रोजमर्रा में अपनाएं छोटी आदतें
अगर आपका काम लंबे समय तक बैठकर करने वाला है, तो लगातार कई घंटे एक ही स्थिति में रहने से बचें। बीच-बीच में कुर्सी से उठें, थोड़ा चलें और शरीर को हल्का स्ट्रेच करें। जहां संभव हो, लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन भी लंबे समय तक बैठे रहने का समय कम करने और दिनभर शारीरिक गतिविधि बढ़ाने की सलाह देता है। हालांकि, दिल की बीमारी का जोखिम उम्र, वजन, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, धूम्रपान और खान-पान जैसे कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है।
