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नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड से भारी तबाही, 25 शव बरामद; 384 यात्री लापता, 105 भारतीय भी शामिल

नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड से भारी तबाही, 25 शव बरामद; 384 यात्री लापता, 105 भारतीय भी शामिल

काठमांडू: नेपाल-चीन सीमा से सटे इलाकों में बुधवार तड़के भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से भीषण फ्लैश फ्लड आ गया। रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और आसपास के इलाकों में भारी तबाही की खबर है। कई घर, पुल, सड़कें और बिजली परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक अब तक 25 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।

भोटेकोशी नदी का अचानक बढ़ा जलस्तर

भोटेकोशी नदी का जलस्तर बुधवार सुबह करीब 9 बजे अचानक बढ़ना शुरू हुआ। नदी के तेज बहाव ने नेपाल-चीन सीमा के पास स्थित टिमुरे मार्केट, टिमुरे कस्टम्स ऑफिस और स्याफ्रुबेसी समेत कई इलाकों को प्रभावित किया।

हाइड्रोलॉजी विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि बाढ़ भारी बारिश के बजाय तिब्बत में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के कारण आई हो सकती है। हालांकि, बाढ़ की वास्तविक वजह की पुष्टि के लिए अधिकारी सैटेलाइट डेटा और अन्य जानकारी की जांच कर रहे हैं।

25 शव बरामद, कई लोग अब भी लापता

स्थानीय मीडिया के मुताबिक अलग-अलग इलाकों से अब तक 25 शव बरामद किए गए हैं। इनमें रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और गोरखा के अलावा त्रिशूली नदी के किनारे मिले शव भी शामिल हैं।

नेपाल पुलिस, नेपाली सेना और आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के जवान लगातार खोज और बचाव अभियान चला रहे हैं। बुधवार दोपहर तक करीब 25 लोगों को रेस्क्यू किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

APF के 4 जवान लापता

उत्तरी रसुवा में सीमा चौकी पर तैनात APF के चार जवानों से भी बाढ़ के बाद संपर्क नहीं हो पा रहा है। APF प्रवक्ता ने बताया कि बॉर्डर पोस्ट को नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन यह पता लगाया जा रहा है कि लापता जवान बाढ़ की चपेट में आए हैं या नहीं।

स्थानीय मीडिया की अपुष्ट रिपोर्टों में रसुवा कस्टम्स ऑफिस के 14 कर्मचारियों के भी संपर्क में नहीं होने की बात कही गई है।

384 यात्री लापता, 105 भारतीय नागरिक शामिल

नेपाल पर्यटन विभाग के मुताबिक रसुवा में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद 384 यात्रियों के लापता होने की सूचना है। इनमें 291 विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों में 105 भारतीय नागरिकों के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है।

पर्यटन विभाग ने यात्रियों को प्रभावित इलाकों की ओर जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। काठमांडू घाटी की ट्रैफिक पुलिस ने भी रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन की ओर जाने वाले वाहनों को रोक दिया है।

15 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित

बाढ़ से नेपाल के बिजली ढांचे को भी बड़ा नुकसान हुआ है। नेपाल इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अनुसार शुरुआती जानकारी में 15 पनबिजली परियोजनाओं के प्रभावित होने की बात सामने आई है। इनमें 10 चालू और 5 निर्माणाधीन परियोजनाएं बताई गई हैं।

नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के अनुसार रसुवागढ़ी, चिलिमे, त्रिशूली-3ए और त्रिशूली-3बी पावर प्रोजेक्ट समेत कई बिजली परियोजनाओं, सब-स्टेशनों और ट्रांसमिशन लाइनों को नुकसान पहुंचा है। इसके कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।

नौ बैंक शाखाएं भी बाढ़ की चपेट में

नेपाल बैंकर्स एसोसिएशन के मुताबिक रसुवा में नौ कमर्शियल बैंक शाखाएं बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। इन शाखाओं में काम करने वाले करीब 26 कर्मचारियों से भी अभी संपर्क नहीं हो पाया है।

टेलीफोन लाइनें खराब होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण राहत एवं बचाव एजेंसियों को संपर्क करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

49 बचाव उड़ानें संचालित

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान के लिए काठमांडू एयरपोर्ट से बुधवार शाम तक 49 बचाव उड़ानें संचालित की गईं। सरकारी और निजी हेलीकॉप्टरों के जरिए धुंचे, तिमुरे, स्याफ्रुबेसी, मैलुंग, त्रिशूली और धाडिंग जैसे इलाकों में राहत सामग्री और बचाव दल पहुंचाए गए।

नेपाली सेना, APF और पुलिस को बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया है। 14 हेलीकॉप्टर भी तलाशी और बचाव अभियान में शामिल किए गए हैं।

निचले इलाकों में हाई अलर्ट

भोटेकोशी नदी आगे जाकर त्रिशूली नदी में मिलती है, इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन में नदी किनारे बसे इलाकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है।

प्रशासन ने नदी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से तत्काल सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। लोगों को प्रभावित सड़कों और नदी किनारे के रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह भी दी गई है।

पीएम बालेंद्र शाह ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बाढ़ की स्थिति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने प्रभावित जिलों के सांसदों और अधिकारियों से नुकसान, बचाव तथा राहत कार्यों की जानकारी ली।

प्रधानमंत्री ने संबंधित विभागों को निचले इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने और विस्थापित लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और राहत के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

WHO ने भी भेजी मदद

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 1,000 लोगों के लिए जरूरी दवाएं और स्वास्थ्य उपकरण भेजने की घोषणा की है। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों के लिए 15 इमरजेंसी टेंट भी भेजे जा रहे हैं।

काठमांडू के बीर अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में बाढ़ पीड़ितों के लिए 100 इमरजेंसी बेड निर्धारित किए गए हैं। राहत एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नेपाल रेड क्रॉस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ समन्वय किया जा रहा है।

भारत ने नेपाल को हर संभव मदद का भरोसा दिया

इस प्राकृतिक आपदा के बीच भारत ने नेपाल की मदद के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाली प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात की और कहा कि मुश्किल समय में भारत नेपाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।

भारत ने बचाव और राहत कार्यों में नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई है।

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