राजनीति

किरेन रिजिजू और पवन खेड़ा में सोशल मीडिया पर तीखी तकरार, असम चुनाव को लेकर लगाए गंभीर आरोप

किरेन रिजिजू और पवन खेड़ा में सोशल मीडिया पर तीखी तकरार, असम चुनाव को लेकर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बयानबाजी देखने को मिली। विवाद की शुरुआत पवन खेड़ा की एक पोस्ट से हुई, जिसके जवाब में रिजिजू ने असम विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए खेड़ा पर गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा ने भी रिजिजू के बयान पर पलटवार किया।

रिजिजू ने खेड़ा पर लगाए आरोप

किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बताया है कि असम विधानसभा चुनाव के अंतिम दौर में राहुल गांधी ने पवन खेड़ा से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनीकी भुइयां सरमा के खिलाफ कथित तौर पर झूठे आरोप लगाने को कहा था।

रिजिजू ने आरोप लगाया कि जब ये आरोप उलटे पड़ गए, तो पवन खेड़ा को राज्यसभा की सीट देकर ‘इनाम’ दिया गया। हालांकि, रिजिजू ने अपने इस दावे के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण पेश नहीं किया।

पवन खेड़ा ने ऐसे दिया जवाब

रिजिजू के आरोपों पर पवन खेड़ा ने विस्तार से जवाब देने के बजाय संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “किरेन रिजिजू जल्द ठीक हो जाइए।”

पवन खेड़ा की पोस्ट से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, विवाद पवन खेड़ा की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ था। खेड़ा ने एक वीडियो साझा करते हुए राहुल गांधी का जिक्र किया और किरेन रिजिजू तथा केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर टिप्पणी की।

इसके जवाब में रिजिजू ने खेड़ा को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें अभद्र टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अपने गांव के लोगों के साथ तैराकी करते हैं और इसका उद्देश्य अपने लोगों और फॉलोअर्स को प्रेरित करना है।

रिजिजू ने चुनावी अनुभव का भी किया जिक्र

रिजिजू ने अपने जवाब में पवन खेड़ा के राज्यसभा सांसद होने का जिक्र करते हुए कहा कि खेड़ा पहली बार सांसद बने हैं, जबकि वह अब तक आठ चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत या अभद्र टिप्पणियों से बचना चाहिए।

दोनों नेताओं के बीच हुई यह सोशल मीडिया बहस अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।

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