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नेपाल-तिब्बत में भीषण बाढ़ से तबाही, कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़ा समूह भी प्रभावित

नेपाल-तिब्बत में भीषण बाढ़ से तबाही, कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़ा समूह भी प्रभावित

नई दिल्ली। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में अचानक आई भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई अन्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ का असर नेपाल-चीन सीमा तक देखने को मिला है। इसी दौरान कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़ा एक समूह भी प्रभावित हुआ है।

सद्गुरु ने जताई चिंता

सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने सोशल मीडिया के जरिए घटना पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि तिब्बत-चीन के ग्यिरोंग इलाके में फ्लैश फ्लड आने के दौरान उनके कैलाश यात्रा समूह का एक दल वहां मौजूद था।

सद्गुरु के मुताबिक, यात्री वापसी के दौरान इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद थे, तभी अचानक बाढ़ आ गई। देखते ही देखते इमिग्रेशन कार्यालय और आसपास के इलाके में पानी भर गया।

इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद लोगों की जानकारी नहीं

सद्गुरु ने बताया कि इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद लोगों की स्थिति को लेकर अभी तक आधिकारिक जानकारी नहीं मिल सकी है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है, ताकि प्रभावित लोगों का पता लगाया जा सके।

उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक और सहायता दल घटना से बेहद चिंतित हैं और राहत एवं बचाव कार्यों में हरसंभव मदद कर रहे हैं।

495 यात्री सुरक्षित लौटे

सद्गुरु के अनुसार, कैलाश यात्रा से जुड़े 21 समूहों में 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं। वहीं 743 लोग अभी तिब्बत में और 148 लोग नेपाल में मौजूद हैं।

उन्होंने बताया कि 77 लोग इमिग्रेशन केंद्र में थे, जबकि नेपाल के टिमुरे क्षेत्र में तीन स्वयंसेवक मौजूद थे।

बचाव अभियान जारी

सद्गुरु ने कहा कि उनके समूह के लोगों के साथ-साथ इस आपदा से प्रभावित सैकड़ों अन्य लोगों के परिवारों और प्रियजनों के दुख में वह भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में प्रभावित लोगों तक बेहतर से बेहतर मदद पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि स्थिति की निगरानी और राहत प्रयासों में मदद के लिए वह स्वयं प्रभावित क्षेत्र में मौजूद हैं।

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