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कर्नाटक ने लॉन्च किया स्वदेशी KEO AI PC, 18,999 रुपये से कम लागत में AI कंप्यूटिंग का दावा

कर्नाटक ने लॉन्च किया स्वदेशी KEO AI PC, 18,999 रुपये से कम लागत में AI कंप्यूटिंग का दावा

RISC-V और ओपन-सोर्स तकनीक पर आधारित डिवाइस, 2,222 KEO PC छात्रों के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी

बेंगलुरु। कर्नाटक में किफायती और स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूटिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए KEO AI PC लॉन्च किया गया है। बेंगलुरु के दो सेमीकंडक्टर इंजीनियरों द्वारा विकसित इस कंप्यूटर को ओपन-सोर्स तकनीक पर आधारित रखा गया है। इसका उद्देश्य महंगे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर लाइसेंस पर निर्भरता कम करते हुए AI और डिजिटल कंप्यूटिंग को छात्रों, सरकारी स्कूलों और ग्रामीण समुदायों तक पहुंचाना है।

क्या है KEO का मतलब?

KEO का पूरा नाम Knowledge-driven, Economical and Open-source है। नाम से ही इस परियोजना की मूल सोच स्पष्ट होती है—किफायती और ओपन-सोर्स तकनीक के जरिए AI कंप्यूटिंग को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना।

डेवलपर्स के मुताबिक, KEO को खास तौर पर उन छात्रों और समुदायों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिनके लिए महंगे कंप्यूटर सिस्टम तक पहुंच आसान नहीं है।

2,222 KEO PC छात्रों के लिए होंगे उपलब्ध

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए KEO AI PC लॉन्च किए जाने की जानकारी साझा की। सरकार की योजना के तहत राज्य के 239 तालुकों में स्थापित दो-दो मॉडल अरिवु केंद्रों पर 8-8 KEO PC लगाए जाएंगे।

इसके अलावा 31 मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों में 10-10 कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पूरी योजना के तहत कुल 2,222 KEO AI PC छात्रों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी है।

RISC-V तकनीक पर आधारित है KEO AI PC

KEO AI PC की सबसे अहम विशेषताओं में इसका RISC-V आधारित प्रोसेसर आर्किटेक्चर शामिल है। RISC-V एक ओपन-स्टैंडर्ड इंस्ट्रक्शन सेट आर्किटेक्चर है, जिससे डेवलपर्स पारंपरिक लाइसेंस मॉडल की तुलना में अधिक स्वतंत्रता के साथ कंप्यूटिंग सिस्टम विकसित कर सकते हैं।

डेवलपर्स का दावा है कि इसी तकनीक की मदद से KEO की लागत को नियंत्रित रखने में मदद मिली है। सिस्टम को Edge AI आधारित कंप्यूटिंग जरूरतों को ध्यान में रखकर भी तैयार किया गया है।

Linux Ubuntu और LibreOffice का इस्तेमाल

KEO AI PC में ओपन-सोर्स इकोसिस्टम को प्राथमिकता दी गई है। इसमें Linux Ubuntu ऑपरेटिंग सिस्टम और LibreOffice जैसे ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया है।

इससे महंगे सॉफ्टवेयर लाइसेंस पर निर्भरता कम होने के साथ छात्रों को स्वतंत्र डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

IISc और IIIT में हुई टेस्टिंग

डेवलपर्स के अनुसार KEO AI PC का परीक्षण भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है। उनके मुताबिक, परीक्षण के दौरान डिवाइस ने आवश्यक मानकों को पूरा किया।

18,999 रुपये से कम रखने का लक्ष्य

KEO AI PC को किफायती बनाने पर खास जोर दिया गया है। डेवलपर्स के अनुसार इसकी उत्पादन लागत 18,999 रुपये से कम रखने का प्रयास किया गया है।

इसका मकसद ऐसे छात्रों और परिवारों तक AI और कंप्यूटिंग तकनीक पहुंचाना है, जिनके लिए महंगे कंप्यूटर खरीदना मुश्किल होता है।

सरकारी स्कूलों में भी पहुंच रहा KEO

डेवलपर्स के मुताबिक, पिछले एक साल में एक NGO ने 2,000 से अधिक KEO AI PC खरीदे हैं, जिन्हें कर्नाटक के सरकारी स्कूलों में वितरित किया जा रहा है।

सरकार की योजनाओं और स्कूलों में हो रहे वितरण के जरिए KEO AI PC को राज्य के छात्रों तक बड़े स्तर पर पहुंचाने की तैयारी है। इससे AI, डिजिटल शिक्षा और कंप्यूटर आधारित सीखने के अवसरों को ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक विस्तार देने की उम्मीद है।

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