Tuesday, November 3, 2026
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उत्तराखंड में SIR को लेकर सियासी घमासान, 1.07 लाख से ज्यादा नामों पर आपत्तियां; निगरानी के लिए 9 अधिकारी तैनात

उत्तराखंड में SIR को लेकर सियासी घमासान, 1.07 लाख से ज्यादा नामों पर आपत्तियां; निगरानी के लिए 9 अधिकारी तैनात

देहरादून: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR-2026 को लेकर सियासी हलचल तेज है। मतदाता सूची में नामों को लेकर बड़ी संख्या में दावे और आपत्तियां सामने आने के बाद अब निर्वाचन विभाग ने इनके निस्तारण की प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने तीन जिलों के 22 विधानसभा क्षेत्रों में प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए 9 आईएएस/पीसीएस अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया है।

1.07 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम पर आपत्ति

SIR के दौरान आपत्तिकर्ताओं की ओर से 1.07 लाख से अधिक मतदाताओं के नामों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इनमें हरिद्वार जिले की पिरान कलियर विधानसभा सीट से विधायक फुरकान अहमद का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दल लगातार निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।

विवाद के बीच निर्वाचन विभाग ने अब दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमानुसार पूरा कराने के लिए पर्यवेक्षण अधिकारियों की तैनाती की है।

हरिद्वार में चार अधिकारी संभालेंगे निगरानी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम की ओर से जारी आदेश के अनुसार, हरिद्वार जिले में डॉ. संदीप तिवारी, ललित नारायण मिश्र, नन्द कुमार और गोपाल राम बिनवाल को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है।

वहीं, नैनीताल जिले में संजय कुमार और ऊधमसिंह नगर जिले में प्रकाश चन्द्र दुम्का, जय किशन, विनीत तोमर एवं दिवेश शाशनी को यह जिम्मेदारी दी गई है।

नोटिस से लेकर सुनवाई तक होगी निगरानी

नियुक्त अधिकारियों की जिम्मेदारी संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियों के निस्तारण की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखना होगी। इसमें नोटिस जारी करने, उनकी तामीली और सुनवाई की प्रक्रिया की निगरानी भी शामिल है।

अधिकारी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन करते हुए दावों एवं आपत्तियों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण किया जाए।

सप्ताह में दो बार देनी होगी रिपोर्ट

आदेश के मुताबिक, पर्यवेक्षण अधिकारियों को अपने दैनिक निरीक्षण की रिपोर्ट संबंधित मंडलायुक्त के माध्यम से सप्ताह में दो बार मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजनी होगी।

इसके लिए Manual on Electoral Roll-2023 के अध्याय-11 में निर्धारित पुनरीक्षण प्रक्रिया और रिपोर्टिंग प्रारूप का पालन किया जाएगा।

आदेश तत्काल प्रभाव से लागू

निर्वाचन विभाग के आदेश के अनुसार, निर्धारित पुनरीक्षण अवधि तक सभी नामित अधिकारी आयोग के नियंत्रण, पर्यवेक्षण और अनुशासन के अधीन रहेंगे। अधिकारियों की नियुक्ति का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

इस तरह हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के 22 विधानसभा क्षेत्रों में SIR से जुड़ी दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया की निगरानी अब 9 अधिकारी करेंगे। निर्वाचन विभाग की इस कवायद को बड़ी संख्या में सामने आई आपत्तियों के बीच प्रक्रिया को व्यवस्थित और नियमों के अनुरूप पूरा कराने की अहम पहल माना जा रहा है।

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