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पद्म श्री से सम्मानित अभिनेत्री सौकार जानकी का 94 साल की उम्र में निधन, 7 दशक लंबे फिल्मी करियर का हुआ अंत

पद्म श्री से सम्मानित अभिनेत्री सौकार जानकी का 94 साल की उम्र में निधन, 7 दशक लंबे फिल्मी करियर का हुआ अंत

चेन्नई: दक्षिण भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित सौकार जानकी का 94 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने चेन्नई के एक निजी अस्पताल के ICU में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह कुछ समय से सांस लेने में तकलीफ और उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। तबीयत बिगड़ने के बाद परिवार ने उन्हें चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया था।

अभिनेत्री के निधन की पुष्टि नादिगर संगम के अध्यक्ष नासर ने भी की है। इससे पहले अभिनेता कयाल देवराज ने सोशल मीडिया के जरिए सौकार जानकी के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी साझा की थी।

1950 में शुरू हुआ था फिल्मी सफर

सौकार जानकी ने करीब सात दशक तक दक्षिण भारतीय सिनेमा में काम किया। उन्होंने 1950 में एलवी प्रसाद के निर्देशन में बनी तेलुगु फिल्म ‘शावुकारु’ से फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद 1952 में टीआर सुंदरम की फिल्म ‘वलयापति’ से तमिल सिनेमा में डेब्यू किया।

अपने लंबे करियर में उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में अभिनय किया और अलग-अलग भाषाओं के दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बनाई।

400 से ज्यादा फिल्मों में किया काम

सौकार जानकी ने अपने करियर में 400 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। उनकी चर्चित फिल्मों में ‘कन्या शुल्कम’, ‘पिच्ची पुलैया’, ‘रेचुक्का-पगतीचुक्का’, ‘रोजुलु मरायी’, ‘डॉक्टर चक्रवर्ती’, ‘संसारम ओका चदरंगम’, ‘टोडिकोडल्लू’, ‘बाबू बंगाराम’ और ‘गीतांजलि’ जैसी फिल्में शामिल हैं।

उन्होंने कन्नड़ सिनेमा की चर्चित फिल्म ‘महिषासुर मर्दिनी’ में डॉ. राजकुमार के साथ काम किया था। वहीं 1964 की ‘स्कूल मास्टर’ के जरिए उन्होंने मलयालम सिनेमा में कदम रखा।

सिनेमा के अलावा उन्होंने टेलीविजन पर भी काम किया। 1991 में दूरदर्शन के तमिल कार्यक्रम ‘ऊरारिंदा रहस्यम’ से उन्होंने टीवी की दुनिया में प्रवेश किया था।

2022 में मिला था पद्म श्री

भारतीय सिनेमा में उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया था। अभिनय के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की बेहद सम्मानित कलाकारों में गिना जाता था।

उनकी आखिरी फिल्मों में ‘अन्नी मांची सकुनमुले’ का नाम शामिल है।

रेडियो से शुरू हुआ था सफर

सौकार जानकी का जन्म आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में एक कन्नड़ भाषी परिवार में हुआ था। उनका जन्म नाम शंकरमंची जानकी था। अभिनय में आने से पहले उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो, मद्रास में रेडियो जॉकी के तौर पर भी काम किया।

उनका विवाह 1947 में शंकरमंची श्रीनिवास राव से हुआ था। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा हैं। उनकी छोटी बहन कृष्णा कुमारी भी अभिनेत्री थीं, जबकि उनकी पोती वैष्णवी अरविंद ने भी अभिनय के क्षेत्र में करियर बनाया।

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