‘दिमागी नक्सली’ विवाद पर सुधांशु त्रिवेदी का चिदंबरम पर पलटवार
‘दिमागी नक्सली’ विवाद पर सुधांशु त्रिवेदी का चिदंबरम पर पलटवार
‘दिमागी नक्सली’ शब्द को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पी. चिदंबरम के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में किसी नेता का नाम नहीं लिया था, लेकिन 24 घंटे के भीतर कुछ लोग खुद को ‘दिमागी नक्सली’ बताकर सामने आ गए।
त्रिवेदी ने कहा कि नक्सलवाद देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा रहा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 2006 के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने नक्सलवाद को देश की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में से एक बताया था।
बीजेपी सांसद ने कांग्रेस से सवाल किया कि वह मनमोहन सिंह के नक्सलवाद पर पुराने रुख को सही मानती है या पी. चिदंबरम के मौजूदा बयान को।
त्रिवेदी ने यूपीए सरकार के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और सुरक्षा बलों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या घटने का दावा भी किया।
वहीं, पी. चिदंबरम पहले कह चुके हैं कि उन्हें ‘दिमागी नक्सली’ कहे जाने पर गर्व है। उनके इस बयान के बाद बीजेपी लगातार कांग्रेस पर निशाना साध रही है और दोनों पक्षों के बीच यह मुद्दा राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है।
