‘दिमागी नक्सली’ बयान पर सियासी घमासान, चिदंबरम और महबूबा मुफ्ती ने किया पलटवार
‘दिमागी नक्सली’ बयान पर सियासी घमासान, चिदंबरम और महबूबा मुफ्ती ने किया पलटवार
‘दिमागी नक्सली’ शब्द को लेकर देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती समेत कई विपक्षी नेताओं ने निशाना साधा है।
पी. चिदंबरम ने कहा कि सरकार अपनी नीतियों पर सवाल उठाने वाले बुद्धिजीवियों, पत्रकारों और नेताओं को ‘अर्बन नक्सल’ या ‘दिमागी नक्सल’ कहकर बदनाम करना चाहती है।
वहीं महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली का समर्थन करती हैं। उनके मुताबिक, रिजिजू की बताई परिभाषा के हिसाब से वह भी ‘दिमागी नक्सल’ हैं।
इससे पहले किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया था कि ‘दिमागी नक्सल’ उन लोगों के लिए है जो माओवादियों की हिंसक विचारधारा का समर्थन करते हैं, संविधान को नहीं मानते, अलगाववादियों के साथ खड़े होते हैं या देश की एकता के खिलाफ गतिविधियों का समर्थन करते हैं।
यह विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में ‘दिमागी नक्सली’ शब्द के इस्तेमाल के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद विपक्षी नेताओं और बीजेपी के बीच इस मुद्दे पर लगातार बयानबाजी जारी है।
