उत्तराखंड के रवि टम्टा ने बनाई ‘उड़ने वाली कार’ (फ्लाइंग व्हीकल): 10 साल की मेहनत लाई रंग
उत्तराखंड के रवि टम्टा ने बनाई ‘उड़ने वाली कार’ (फ्लाइंग व्हीकल): 10 साल की मेहनत लाई रंग
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के युवा इनोवेटर रवि टम्टा और उनकी टीम ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश के पहले पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल (Personal Flying Vehicle) HAPIDA SKYNeX के प्रोटोटाइप का सफल प्रारंभिक परीक्षण किया है। उन्होंने अल्मोड़ा के एक मैदान में इसका शुरुआती ट्रायल किया।
1. आविष्कार से जुड़ी मुख्य बातें
10 साल का कड़ा संघर्ष: रवि टम्टा पिछले 8 से 10 वर्षों से इस फ्लाइंग कार परियोजना पर काम कर रहे थे। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और संकल्प से यह सफलता पाई।
समय की भारी बचत: रवि के अनुसार, अल्मोड़ा के मैदान से उनके घर की दूरी सड़क मार्ग से 40 किलोमीटर है, जिसे तय करने में करीब 1.5 घंटे लगते हैं। लेकिन इस फ्लाइंग व्हीकल के जरिए यह दूरी महज 12 मिनट में पूरी की जा सकती है।
मेडिकल इमरजेंसी और ट्रैफिक का समाधान: इस आविष्कार का मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक जाम से निजात दिलाना और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं (Medical Emergencies) में तेजी लाना है।
2. भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां
अनुमति और आगे के ट्रायल: रवि टम्टा ने बताया कि अभी नागरिक उड्डयन या संबंधित अधिकारियों से औपचारिक उड़ान अनुमतियां (Permissions) मिलना बाकी है, जिसके बाद इसके आगे के विस्तृत परीक्षण किए जाएंगे।
हर घर तक पहुंचाने का लक्ष्य: रवि का मानना है कि आने वाले 8 से 10 वर्षों में यह तकनीक आम हो जाएगी और उनकी कोशिश इसे हर घर तक सुलभ बनाने की है।
