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BLO ऐप में ‘Mark VIP’ फीचर पर सवाल, चुनाव आयोग ने दी सफाई; SSR को लेकर भी बताया ये कारण

BLO ऐप में ‘Mark VIP’ फीचर पर सवाल, चुनाव आयोग ने दी सफाई; SSR को लेकर भी बताया ये कारण

देश के कई राज्यों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बीच बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) के लिए इस्तेमाल होने वाले BLO ऐप में ‘Mark VIP’ फीचर जोड़े जाने को लेकर सवाल उठे हैं। ऐप के आधिकारिक अपडेट रिकॉर्ड में भी ‘Mark VIP elector related changes’ का उल्लेख दर्ज है।

इस फीचर के जरिए BLO किसी मतदाता को VIP के तौर पर चिन्हित कर सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे चिन्हांकन की आगे AERO, ERO और संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के स्तर पर जांच की जाती है। चुनाव आयोग के मौजूदा प्रावधानों में VIP मतदाताओं की पहचान की व्यवस्था पहले से मौजूद रही है।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

चुनाव आयोग की ओर से बताया गया है कि न्यायपालिका के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, संवैधानिक या घोषित पदों पर बैठे लोगों तथा कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल और जनसेवा जैसे क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख लोगों के नामों को मतदाता डेटाबेस में चिन्हित करने की व्यवस्था पहले से रही है। आयोग के अनुसार, इसका उद्देश्य मसौदा मतदाता सूची में ऐसे नामों को शामिल करने और दावे-आपत्तियों के दौरान जरूरी दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है।

आयोग के अनुसार, बिहार में SIR के दौरान कुछ प्रमुख मतदाताओं को नोटिस दिए जाने के मामले सामने आने के बाद इस प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हुई थी। ‘Mark VIP’ फीचर का इस्तेमाल प्रशासनिक प्रक्रिया को व्यवस्थित करने और ऐसे मतदाताओं की पहचान में मदद के लिए किया जा रहा है।

SSR नहीं होने पर आयोग की सफाई

स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) नहीं होने से 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल न होने के सवाल पर चुनाव आयोग ने इसे गलत धारणा बताया है।

आयोग के मुताबिक, नए मतदाताओं का पंजीकरण एक सतत प्रक्रिया है, जो SSR न होने की स्थिति में भी जारी रहती है। आयोग का कहना है कि जून 2025 से जून 2026 के बीच करीब 2.5 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए।

आयोग ने बताया कि SIR की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के व्यस्त रहने के कारण SSR की प्रक्रिया प्रभावित हुई, लेकिन 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया सालभर जारी रहती है।

‘Mark VIP’ फीचर क्यों चर्चा में आया?

SIR के दौरान प्रमुख लोगों को भी मतदाता सूची से जुड़े नोटिस मिलने के मामलों के बीच BLO ऐप में नया VIP फीचर सामने आया है। चुनाव आयोग के अनुसार, VIP के तौर पर चिन्हित किए जाने का उद्देश्य प्रशासनिक सुविधा और सत्यापन प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है। VIP टैग का मतलब यह नहीं है कि संबंधित मतदाता दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया से बाहर हो जाता है।

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