तमिलनाडु विधानसभा में मेकेदातु बांध पर बवाल: उदयनिधि स्टालिन ने मांगी सर्वदलीय बैठक, CM विजय बोले- ‘राजनीति न करें’
तमिलनाडु विधानसभा में मेकेदातु बांध पर बवाल: उदयनिधि स्टालिन ने मांगी सर्वदलीय बैठक, CM विजय बोले- ‘राजनीति न करें’
कर्नाटक द्वारा कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर तमिलनाडु विधानसभा में शुक्रवार को भारी हंगामा हुआ। विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन और मुख्यमंत्री विजय के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली।
1. विपक्ष की सर्वदलीय बैठक और एकजुटता की मांग
उदयनिधि स्टालिन का रुख: नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने मांग की कि कर्नाटक के प्रयासों का मुकाबला करने के लिए राज्य सरकार को तुरंत एक सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलानी चाहिए।
विपक्ष का आरोप: उन्होंने कहा कि सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाने से बच रही है और परिसीमन जैसे मुद्दों का जिक्र कर किसानों व मेकेदातु के मुख्य विषय से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
PMK का समर्थन: PMK विधायक सौम्या अंबुमणि ने भी सर्वदलीय बैठक का समर्थन करते हुए इसे लाखों किसानों के भविष्य का सवाल बताया।
2. मुख्यमंत्री विजय का पलटवार: ‘बैठक की जरूरत नहीं’
सर्वदलीय बैठक खारिज: मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
केंद्र को पत्र: CM ने बताया कि राज्य सरकार पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तमिलनाडु का रुख पूरी तरह साफ कर चुकी है।
कड़ा संदेश: मुख्यमंत्री विजय ने कहा, “मेकेदातु बांध और कावेरी विवाद पर हमारी सरकार तमिलनाडु के अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगी। हम कानूनी और संवैधानिक तरीके से लड़ाई जारी रखेंगे। इस संवेदनशील मुद्दे पर श्रेय और राजनीति की जरूरत नहीं है।”
3. CM के कर्नाटक दौरे पर घेराव व पुराना रिकॉर्ड
दौरे पर सवाल: उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय के संभावित कर्नाटक दौरे पर आ रहे मंत्रियों के विरोधाभासी बयानों पर भी स्पष्टीकरण मांगा।
समीक्षा याचिकाओं का जिक्र: सत्ता पक्ष ने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के कार्यकाल में मेकेदातु विवाद से जुड़ी समीक्षा याचिकाएं खारिज हो गई थीं, जिस पर DMK ने सफाई दी कि उनकी सरकार ने इस मुद्दे पर बिना देरी के कानूनी कदम उठाए थे।
