NEET पेपर लीक मामला: CBI की 94 पेज की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, NTA के 3 एक्सपर्ट्स पर आरोप
NEET पेपर लीक मामला: CBI की 94 पेज की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, NTA के 3 एक्सपर्ट्स पर आरोप
नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कोर्ट में 94 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के तीन सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स—पीवी कुलकर्णी, मनीषा मंधारे और मनीषा हवलदार पर परीक्षा से पहले पेपर लीक करने का आरोप लगाया गया है।
1. होटल के कमरे में ऐसे दोबारा तैयार किया गया पेपर
मॉडरेशन के दौरान सेंध: सीबीआई का आरोप है कि मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान एक्सपर्ट्स ने कागज़ की छोटी पर्चियों पर गुप्त रूप से सवाल लिखे और NCERT के पैराग्राफ मार्क किए।
याद रखे सवाल: अधिकारियों के अनुसार, आसान सवालों को आरोपियों ने याद कर लिया और दिन का काम खत्म होने पर होटल के कमरे में लौटकर उन्हें दोबारा तैयार किया।
पकड़े जाने से बचने की चाल: असली क्वेश्चन पेपर का कोई सीधा डिजिटल या भौतिक सुराग न छूटे, इसलिए हाथ से लिखकर पेपर तैयार करने का यह तरीका अपनाया गया था।
2. सुरक्षा में बड़ी चूक और 3 दिनों में 135 सवाल लीक
सुरक्षा जांच की कमी: चार्जशीट के मुताबिक, NTA के गोपनीय (Confidential) सेक्शन में आने-जाने के दौरान एक्सपर्ट्स की तलाशी या चेकिंग का कोई कड़ा नियम नहीं था, जिसका फायदा आरोपियों ने उठाया।
सवाल बैक-ट्रांसलेट किए: आरोपी पीवी कुलकर्णी (A-2) ने 31 मार्च 2026 से 2 अप्रैल 2026 के बीच 3 दिनों में सवालों के 3 सेट (कुल 135 सवाल) बाहर निकाले और लिखे।
3. बिचौलियों के जरिए हुआ सौदा
आर्थिक लाभ का आरोप: सीबीआई का कहना है कि इस साजिश का मुख्य मकसद भारी रकम कमाना और कुछ खास उम्मीदवारों (कैंडिडेट्स) को अनुचित लाभ पहुंचाना था।
अदालती जांच जारी: ये सभी बिंदु सीबीआई की चार्जशीट का हिस्सा हैं और फिलहाल अदालत द्वारा इन आरोपों की जांच की जा रही है।
