Thursday, August 6, 2026
Latest:
राजनीति

बॉम्बे हाईकोर्ट से नितिन गडकरी को बड़ी राहत: इथेनॉल पॉलिसी पर डीपफेक व भ्रामक पोस्ट हटाने के आदेश, 11 करोड़ का ठोका मानहानि दावा

बॉम्बे हाईकोर्ट से नितिन गडकरी को बड़ी राहत: इथेनॉल पॉलिसी पर डीपफेक व भ्रामक पोस्ट हटाने के आदेश, 11 करोड़ का ठोका मानहानि दावा

​मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को बड़ी कानूनी राहत देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को उनके खिलाफ पोस्ट किए गए अपमानजनक और फेक कंटेंट को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने सुनवाई के दौरान प्लेटफॉर्म्स के वकीलों को कड़ी फटकार लगाई और भ्रामक डिजिटल सामग्री पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने को कहा।

​1. AI, डीपफेक और फर्जी वीडियो के जरिए छवि खराब करने का आरोप

​झूठे वित्तीय लाभ का दावा: नितिन गडकरी ने अपनी याचिका में बताया कि सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक के जरिए गढ़े गए कई फर्जी वीडियो और पोस्ट सर्कुलेट किए जा रहे थे। इनमें दावा किया गया था कि गडकरी और उनके परिवार को केंद्र सरकार की E20 इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल नीति से अनुचित आर्थिक लाभ पहुंचा है।

​प्रतिष्ठा को नुकसान: गडकरी ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह सब जनता को गुमराह करने और उनकी राजनीतिक व व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की साजिश है।

​2. क्षेत्राधिकार का दिया हवाला: पेट्रोलियम मंत्रालय का है फैसला

​गलत मंत्रालय से जोड़ने की कोशिश: गडकरी ने कोर्ट के सामने स्पष्ट किया कि E20 इथेनॉल नीति पूरी तरह से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आती है, न कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत।

​तथ्यहीन आरोप: उन्होंने कहा कि नीतिगत फैसलों से उनके परिवार को जोड़ने का आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत और तथ्यों से परे है।

​3. ‘मेटा’, ‘एक्स’ और ‘गूगल’ के खिलाफ सिविल केस की अनुमति; ₹11 करोड़ का हर्जाना

​प्लेटफॉर्म्स बने प्रतिवादी: नितिन गडकरी ने मेटा (Meta Platforms), एक्स (X Corp – पूर्व में ट्विटर), गूगल (Google) और अज्ञात ऑनलाइन कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है।

​सूट दायर करने की इजाजत: बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें इन कंपनियों और अज्ञात क्रिएटर्स के खिलाफ मानहानि का सिविल मुकदमा दायर करने की अनुमति दे दी है।

​11 करोड़ रुपये का हर्जाना: गडकरी ने अपमानजनक और फर्जी डिजिटल कंटेंट को तुरंत हटाने की मांग के साथ-साथ मानहानि (Defamation) के तौर पर 11 करोड़ रुपये के हर्जाने की अपील कोर्ट से की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *