राजनीति

महाराष्ट्र में ‘गूंगी गुड़िया’ टिप्पणी पर सियासी बवाल: सुनेत्रा पवार, अमृता फडणवीस और हर्षवर्धन सपकाल की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र में ‘गूंगी गुड़िया’ टिप्पणी पर सियासी बवाल: सुनेत्रा पवार, अमृता फडणवीस और हर्षवर्धन सपकाल की प्रतिक्रिया

​महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल द्वारा राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को ‘गूंगी गुड़िया’ कहे जाने के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बीड जिले के दौरे के दौरान हुए एक वाकये को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब कांग्रेस के लिए गले की फांस बनता दिख रहा है।

​1. कैसे शुरू हुआ यह विवाद?

​बीड दौरे का घटनाक्रम: बीड जिले की प्रभारी मंत्री सुनेत्रा पवार जब दौरे पर थीं, तब मीडिया ने उनसे जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल पूछा।

​धनंजय मुंडे का हस्तक्षेप: उनके साथ मौजूद एनसीपी (अजित पवार गुट) नेता और विधायक धनंजय मुंडे ने सुनेत्रा पवार को जवाब देने से रोक दिया।

​सपकाल का वीडियो पोस्ट: इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सुनेत्रा पवार को ‘गूंगी गुड़िया’ करार दिया और सवाल उठाया कि उपमुख्यमंत्री पत्रकारों के सवालों का जवाब क्यों नहीं दे पाईं।

​2. नेताओं की प्रतिक्रियाएं

​सुनेत्रा पवार का रुख: विवाद बढ़ने पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने चुप्पी तोड़ते हुए केवल इतना कहा, “मैं सही समय आने पर बोलूंगी।”

​अमृता फडणवीस की मांग: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि ऐसी टिप्पणी महिला का अपमान है और कांग्रेस को इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। (साथ ही देवेंद्र फडणवीस की भूमिका के कयासों पर उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की बेटी होने के नाते वह उन्हें महाराष्ट्र में ही देखना चाहती हैं।)

​3. हर्षवर्धन सपकाल की सफाई और तर्क

​राजनीतिक घेराबंदी के बीच हर्षवर्धन सपकाल ने बैकफुट पर आने के बजाय अपने बयान का बचाव किया:

​इंदिरा गांधी का उदाहरण: उन्होंने तर्क दिया कि अतीत में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लिए भी इस शब्द का प्रयोग किया गया था, जिसे उन्होंने अपने काम से गलत साबित किया था।

​असंसदीय शब्द से इनकार: सपकाल ने सवाल दागा कि क्या ‘गूंगी गुड़िया’ कोई असंसदीय या अपमानजनक शब्द है? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में उपमुख्यमंत्री पद पर बैठा व्यक्ति यदि चुप रहे और कोई विधायक उन्हें बोलने से रोके, तो यह टर्म उन पर बिल्कुल फिट बैठता है।

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