वैश्विक कूटनीति का अहम सप्ताह: UNGA में विदेश मंत्री एस. जयशंकर का संबोधन और ट्रंप-शी शिखर बैठक पर टिकी दुनिया की निगाहें
वैश्विक कूटनीति का अहम सप्ताह: UNGA में विदेश मंत्री एस. जयशंकर का संबोधन और ट्रंप-शी शिखर बैठक पर टिकी दुनिया की निगाहें
आगामी सप्ताह वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है, जिसमें मुख्य रूप से न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के हाई-लेवल वीक और वाशिंगटन में अमेरिका-चीन के शीर्ष नेताओं की बैठक पर दुनिया भर की नजरें टिकी रहेंगी।
1. संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का 81वां सत्र और भारत का पक्ष
न्यूयॉर्क में 22 से 29 सितंबर तक चलने वाले UNGA के हाई-लेवल वीक के दौरान आम बहस 22 से 26 सितंबर और 28 सितंबर को होगी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर का संबोधन: भारत के लिए यह सप्ताह इसलिए खास है क्योंकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 सितंबर की दोपहर संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस में भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य देंगे। संशोधित वक्ताओं की सूची में उनका नाम शामिल है। यह संबोधन ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया भू-राजनीतिक संघर्षों, आर्थिक दबावों और ऊर्जा व खाद्य कीमतों से जुड़ी चुनौतियों से जूझ रही है।
प्रमुख वैश्विक मुद्दे: इस सत्र में समुद्र के बढ़ते जलस्तर से पैदा हो रहे अस्तित्वगत खतरे, जलवायु कार्रवाई, महामारी की रोकथाम और परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी।
महासचिव का आखिरी सत्र: मौजूदा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के दूसरे कार्यकाल का यह आखिरी हाई-लेवल UNGA सत्र होगा, क्योंकि उनका कार्यकाल दिसंबर में समाप्त हो रहा है।
2. वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात
दुनिया की निगाहें वाशिंगटन पर भी होंगी, जहां 24 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अहम शिखर बैठक प्रस्तावित है।
ऐतिहासिक दौरा: शी जिनपिंग का यह अमेरिका दौरा एक दशक से अधिक समय में किसी चीनी राष्ट्रपति की पहली स्टेट विजिट होगी और यह दोनों नेताओं की इस साल की दूसरी शिखर बैठक है।
मुख्य एजेंडा: इस वार्ता में व्यापार, टैरिफ, दुर्लभ खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), तकनीकी प्रतिबंध और ताइवान जैसे संवेदनशील मुद्दे प्रमुखता से शामिल रहेंगे। अमेरिका-चीन व्यापार तनाव कम करने से जुड़ी अस्थायी व्यवस्था नवंबर में समाप्त होने वाली है, इसलिए इस आर्थिक वार्ता का बड़ा महत्व है।
तैयारी की बैठक: इस शिखर सम्मेलन की जमीन तैयार करने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट और चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लाइफेंग के बीच 20 सितंबर को न्यूयॉर्क में पहले ही बातचीत शुरू हो चुकी है, जिसमें एआई, व्यापार और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति जैसे विषय शामिल हैं।
न्यूयॉर्क में भारत समेत दुनिया के विभिन्न देश वैश्विक मंच से अपने कूटनीतिक रुख को सामने रखेंगे, वहीं वाशिंगटन में अमेरिका और चीन के बीच होने वाली उच्च स्तरीय वार्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था और रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देगी। इन दोनों बड़े घटनाक्रमों के परिणामों पर भारत सहित पूरी दुनिया की पैनी नजर रहेगी।
