तमिलनाडु में राजनीतिक उथल-पुथल: उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी और रिहाई पर DMK का TVK सरकार पर हमला
तमिलनाडु में राजनीतिक उथल-पुथल: उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी और रिहाई पर DMK का TVK सरकार पर हमला
तमिलनाडु में पूर्व उप-मुख्यमंत्री और डीएमके (DMK) नेता उदयनिधि स्टालिन को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और बाद में मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश पर उनकी रिहाई के बाद राज्य का सियासी पारा काफी चढ़ गया है। DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय की नेतृत्व वाली टीवीके (TVK) सरकार को ‘फासीवादी’ और ‘अहंकारी’ करार दिया है।
1. विवाद का कारण: तंजावुर प्रदर्शन और टिप्पणी
कावेरी जल विवाद प्रदर्शन: 3 अगस्त को तंजावुर में उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व में एक विशाल विरोध प्रदर्शन हुआ। इसमें मेकेदातु जलाशय परियोजना को रोकने, किसानों के कर्ज माफ करने और कावेरी डेल्टा को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की गई।
विवादित बयान का आरोप: संबोधन के दौरान भीड़ द्वारा की गई नारेबाजी के बीच उदयनिधि द्वारा दी गई एक कथित टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हुआ, जिसे आधार बनाकर पुलिस ने कार्रवाई की।
2. आधी रात को पुलिस कार्रवाई और हाई कोर्ट का फैसला
चेन्नई से हिरासत: एम.के. स्टालिन के अनुसार, पुलिस ने अलोकतांत्रिक तरीके से आधी रात को उदयनिधि को उनके चेन्नई आवास से हिरासत में लिया और तंजावुर ले गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब उन्हें आगामी बजट सत्र से दूर रखने के लिए किया गया।
मद्रास हाई कोर्ट का आदेश: मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकीलों ने कहा कि औपचारिक गिरफ्तारी की कोई मंशा नहीं थी। इसके बाद मद्रास उच्च न्यायालय ने उदयनिधि को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया, जिसे स्टालिन ने TVK सरकार पर “करारा तमाचा” बताया।
3. एम.के. स्टालिन के मुख्य आरोप
’रील्स क्रिएटर’ का तंज: स्टालिन ने मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि वे राज्य चलाने के बजाय एक ‘रील्स क्रिएटर’ की तरह काम कर रहे हैं और आलोचकों को जेल भेजने में व्यस्त हैं।
अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग: उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी अनिता राधाकृष्णन, मारकंडेयन, नीट-विरोधी प्रदर्शनकारियों और किसानों को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने पूरे राज्य से हिरासत में लिए गए सभी DMK कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग की है।
