15 अगस्त से पहले दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की बड़ी कामयाबी: अंतरराज्यीय अवैध हथियार गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत 8 गिरफ्तार
15 अगस्त से पहले दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की बड़ी कामयाबी: अंतरराज्यीय अवैध हथियार गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत 8 गिरफ्तार
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से ठीक पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (ईस्टर्न रेंज) ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत मध्य प्रदेश से अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना शिशपाल सिंह उर्फ यश चौधरी समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
1. बरामदगी व नेटवर्क का तरीका
बरामद हथियार व कारतूस: पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 5 देसी कट्टे/पिस्टल, 1 रिवॉल्वर (कुल 18 हथियार), 10 अतिरिक्त मैगजीन, 9mm के 5 जिंदा कारतूस, 1 अन्य कारतूस और 1 लोहे का हंसिया जब्त किया है।
सप्लाई का मुख्य जरिया: यह गिरोह मध्य प्रदेश से अवैध हथियार खरीदकर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब में सप्लाई करता था।
डिजिटल पहचान और छिपाव: पहचान छिपाने के लिए आरोपी फर्जी फेसबुक-इंस्टाग्राम प्रोफाइल, वर्चुअल नंबरों और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते थे।
2. कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा?
पहली गिरफ्तारी (5 जुलाई): डीसीपी स्पेशल सेल नारा चैतन्य के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर 5 जुलाई को सबसे पहले हरीश चंद्र को 8 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टलों के साथ पकड़ा गया।
पूछताछ में हुआ नेटवर्क का भंडाफोड़: हरीश चंद्र ने खुलासा किया कि वह गिरोह के सरगना शिशपाल सिंह के कहने पर अपने भाई के साथ मध्य प्रदेश से हथियार लाता था। इसके बाद पुलिस ने लगातार छापेमारी कर अन्य 7 सदस्यों को दबोचा।
3. गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
शिशपाल सिंह उर्फ यश चौधरी (सरगना): पिछले 3 वर्षों से यह नेटवर्क चला रहा था और 2021 में भी हथियार तस्करी के मामले में जेल जा चुका है।
अन्य 7 गिरफ्तार आरोपी: हरीश चंद्र, प्रीतपाल सिंह, कुलदीप सागर, अगेश कुमार, नूर मोहम्मद उर्फ तस्लीम (12 आपराधिक मामले दर्ज), मोहम्मद शान (6 केस दर्ज) और विक्रम सिंह।
