भगोड़े अपराधियों की वापसी पर केंद्र सरकार की रिपोर्ट: 2019 से जुलाई 2026 तक 274 अपराधी भारत लाए गए
भगोड़े अपराधियों की वापसी पर केंद्र सरकार की रिपोर्ट: 2019 से जुलाई 2026 तक 274 अपराधी भारत लाए गए
केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के अनुसार, वर्ष 2019 से जुलाई 2026 तक 36 देशों से कुल 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में भगोड़ों के प्रत्यर्पण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया है।
1. प्रमुख सुधार और कानूनी बदलाव
कानूनी संशोधन: 2019 में NIA व UAPA कानूनों में संशोधन किए गए। इसके बाद 2024 में लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 355 व 356 के तहत अभियुक्त की गैरमौजूदगी में भी कोर्ट ट्रायल (Trial in absentia) का प्रावधान किया गया।
भारतपोल और इंटरपोल: जनवरी 2025 में ‘भारतपोल’ (BHARATPOL) की शुरुआत हुई, जिससे 1,400 से अधिक राज्य/केंद्रीय एजेंसियों को इंटरपोल से जोड़ा गया। पिछले 3 वर्षों में 401 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए।
ऑपरेशन त्रिशूल व तकनीक: विदेशों में पहचान बदलकर छिपे अपराधियों को ट्रैकिंग करने के लिए सैटेलाइट डेटा, डिजिटल फुटप्रिंट्स और जियो-लोकेशन का उपयोग किया गया।
2. कार्रवाई के मुख्य आंकड़े (2019 – जुलाई 2026)
संपत्ति जब्ती व वापसी: मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत ₹17,874 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई और ₹18,762 करोड़ की संपत्ति/धन वापस लाया गया।
वर्षवार वापसी की दर:
2025: 70 भगोड़े (सबसे अधिक)
2026 (जुलाई तक): 45 भगोड़े
(2004-2013 के दौरान यह औसत प्रतिवर्ष केवल 4 भगोड़ों का था)
3. किस तरह के अपराधी वापस लाए गए?
वापस लाए गए 274 अपराधियों में हत्या व गंभीर अपराध (62), यौन अपराध व POCSO (53), संगठित अपराध व गिरोह (42), आतंकवाद (17), नशीले पदार्थों की तस्करी (16), वित्तीय व आर्थिक अपराध (9), मानव तस्करी (18) और अन्य मामलों के आरोपी शामिल हैं।
