साउथ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता-निर्माता मोहन शर्मा की बदहाली: 100 से अधिक फिल्मों में किया काम, अब ओल्ड एज होम में गुजार रहे दिन
साउथ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता-निर्माता मोहन शर्मा की बदहाली: 100 से अधिक फिल्मों में किया काम, अब ओल्ड एज होम में गुजार रहे दिन
दक्षिण भारतीय सिनेमा (तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़) में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले प्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक और निर्माता मोहन शर्मा आज बेहद दर्दनाक और कठिन दौर से गुजर रहे हैं। एक समय 100 से अधिक फिल्मों में बतौर मुख्य अभिनेता काम करने वाले और चारों प्रमुख दक्षिण भारतीय भाषाओं में फिल्में बनाने वाले पहले निर्माता मोहन शर्मा आज बीमारियों से घिरे हैं और चेन्नई के एक ओल्ड एज होम में रहने को मजबूर हैं।
1. शानदार करियर और ऐतिहासिक रिकॉर्ड
विशाल योगदान: उन्होंने 100 से ज्यादा फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई, 20 से अधिक फिल्मों का निर्माण किया और 50 से अधिक फिल्मों में चरित्र भूमिकाएं अदा कीं।
पहला रिकॉर्ड: चारों प्रमुख दक्षिण भारतीय भाषाओं (तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़) में फिल्में बनाने वाले वे दक्षिण भारत के पहले निर्माता बने थे।
प्रमुख फिल्में: चट्टाकरी (1974), नेल्लू (1974), सागरा संगमाम (1983) और फ्रेंड्स (2001)। वे ‘साउथ इंडियन फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स’ के अध्यक्ष भी रहे।
2. एक फिल्म का घाटा और पोएस गार्डन का घर बिका
फिल्म का वित्तीय घाटा: उनके द्वारा निर्मित महत्वाकांक्षी फिल्म ‘ग्रामम / नम्मा ग्रामम’ को राष्ट्रीय व राज्य पुरस्कार तो मिले, लेकिन 1.25 करोड़ का बजट बढ़कर 2 करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
पोएस गार्डन का घर बिका: कर्ज चुकाने के लिए उन्हें चेन्नई के पोएस गार्डन स्थित अपना 2500 वर्ग फीट का आलीशान फ्लैट बेचना पड़ा, जिसे उन्होंने जयललिता (पूर्व मुख्यमंत्री) के सुझाव पर खरीदा था।
3. गंभीर बीमारियां और पारिवारिक स्थिति
स्वास्थ्य समस्याएं: पैरों की सर्जरी, लिगामेंट टियर के इलाज के बाद वे वर्टिगो, हाई बीपी और डायबिटीज से पीड़ित हैं। उनकी दवाइयों का मासिक खर्च ही ₹35,000 आता है।
पारिवारिक बिखराव: अभिनेत्री लक्ष्मी (1975-1980) से तलाक के बाद उन्होंने शांति से शादी की, लेकिन पारिवारिक विवादों के चलते वे बेघर हो गए। उनका इकलौता बेटा जर्मनी में रहता है और वित्तीय मजबूरियों के कारण तुरंत बड़ी मदद करने में असमर्थ है।
4. रजनीकांत बने सहारा और सीएम विजय से गुहार
सुपरस्टार रजनीकांत की मदद: आर्थिक तंगी के दौर में सुपरस्टार रजनीकांत ने खुद फोन कर बैंक डिटेल्स लीं और ₹1 लाख की मदद भेजी। मोहन शर्मा ने रजनीकांत को “भगवान का रूप” बताया।
मुख्यमंत्री विजय से उम्मीद: मोहन शर्मा ने अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की टीम से मुलाकात का समय मांगा है। वे विजय के साथ पूर्व में काम कर चुके हैं और उन्हें उम्मीद है कि सरकार से उन्हें स्थायी चिकित्सा और रहने की सहायता मिल सकेगी।
