उत्तराखंड

त्रियुगीनारायण मंदिर में धूमधाम से मनाया गया ऐतिहासिक हरियाली मेला, भगवान विष्णु को अर्पित की गई जौ की हरियाली

त्रियुगीनारायण मंदिर में धूमधाम से मनाया गया ऐतिहासिक हरियाली मेला, भगवान विष्णु को अर्पित की गई जौ की हरियाली

​भगवान शिव और माता पार्वती की पावन विवाह स्थली के रूप में विख्यात केदारघाटी के त्रियुगीनारायण मंदिर में ऐतिहासिक हरियाली मेला पूरी भव्यता और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। वामन द्वादशी पर्व से ठीक पहले धुर्वाष्टमी के अवसर पर आयोजित इस मेले में पूरी केदारघाटी पौराणिक लोक संस्कृति के रंगों में रंगी नजर आई।

​पौराणिक परंपरा और विशेष अनुष्ठान

​जौ की हरियाली का अर्पण: परंपरा के अनुसार ग्रामीण महिलाओं ने सात दिन पूर्व अपने घरों में विधि-विधान से जौ की हरियाली उगाई थी। पर्व के दिन वेद मंत्रोच्चार के बीच इस हरियाली को त्रियुगीनारायण मंदिर पहुंचाया गया, जहां पुजारी ने इसका पूजन कराकर इसे सबसे पहले भगवान विष्णु के चरणों में अर्पित किया।

​आपसी भाईचारे का प्रतीक: मंदिर में पूजा के पश्चात हरियाली को गांव के प्रत्येक घर में पहुंचाया गया, जहां लोगों ने बुजुर्गों को हरियाली भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता और आपसी भाईचारे का प्रतीक मानी जाती है।

​पौराणिक मान्यता: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु द्वारा वामन अवतार लेने से चार दिन पहले माता अदिति और देव कन्याओं ने उनके विराट रूप से प्रसन्न होकर उन्हें जौ की हरियाली भेंट की थी, तभी से यह परंपरा चली आ रही है।

​इस अवसर पर पौराणिक गीतों और जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। यहां तैयार की जाने वाली हरियाली को आगामी वामन द्वादशी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में भी वितरित किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *