दिल्ली के जंतर-मंतर पर सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, आजम खान की रिहाई और जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण पर रोक की मांग
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, आजम खान की रिहाई और जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण पर रोक की मांग
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं के हाथों में बैनर-पोस्टर थे, जिन पर “मोहम्मद आजम खान को रिहा करो” और जौहर यूनिवर्सिटी के 38 कमरों को गिराने का फैसला वापस लेने जैसी मांगें लिखी हुई थीं। इसके साथ ही कुछ समर्थकों ने आजम खान के बेटे के लिए भी आवाज उठाई।
सपा की प्रमुख मांगें
जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई रोकने की मांग: प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को गिराने के आदेश से केवल इमारतें प्रभावित नहीं होंगी, बल्कि इससे छात्रों की शिक्षा, शिक्षकों के रोजगार और शोध कार्यों का भविष्य भी दांव पर लग जाएगा। सपा ने इस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में एसआईटी जांच: पार्टी का आरोप है कि 2019 के दौरान आजम खान, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और परिवार के अन्य सदस्यों पर करीब 350 मुकदमे राजनीतिक प्रतिशोध के तहत दर्ज किए गए हैं। सपा ने मांग की है कि इन सभी मामलों की समग्र और निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवारत या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए, जो 3-4 महीने के भीतर सुनवाई पूरी करे।
राष्ट्रपति को भेजा गया पत्र
इससे पहले सपा के राष्ट्रीय सचिव और जौनपुर सदर के पूर्व विधायक मोहम्मद अरशद खान की ओर से राष्ट्रपति को भी एक पत्र भेजा गया था। इस पत्र में अपील की गई है कि ध्वस्तीकरण नोटिस के वैधानिक आधार की स्वतंत्र समीक्षा होने तक कार्रवाई रोकी जाए और पूरे मामले में हस्तक्षेप किया जाए। दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन को आगामी चुनावों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
