यमुनोत्री हाईवे के स्यानाचट्टी में बड़ा हादसा टला: पहाड़ी से गिरा विशालकाय बोल्डर, शौचालय क्षतिग्रस्त; बस्ती के पास रुका
यमुनोत्री हाईवे के स्यानाचट्टी में बड़ा हादसा टला: पहाड़ी से गिरा विशालकाय बोल्डर, शौचालय क्षतिग्रस्त; बस्ती के पास रुका
उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग पर स्थित स्यानाचट्टी कस्बे में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा होने से बच गया। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सक्रिय भूस्खलन जोन (Landslide Zone) से अचानक एक विशालकाय बोल्डर भारी मलबे के साथ तेजी से नीचे आ गिरा।
1. कैसे टला बड़ा हादसा?
मजदूरों और मशीनों के पास से गुजरा: बोल्डर सबसे पहले हाईवे पर मार्ग खोलने के काम में लगी जेसीबी मशीन और वहां तैनात मजदूरों के बेहद करीब से गुजरा। गनीमत रही कि समय रहते मजदूर सुरक्षित स्थान पर हट गए, जिससे उनकी जान बच गई।
सार्वजनिक शौचालय क्षतिग्रस्त: सड़क पार करने के बाद बोल्डर हाईवे किनारे बने एक सार्वजनिक शौचालय को पूरी तरह ध्वस्त करते हुए नीचे आवासीय बस्ती की ओर लुढ़क गया।
मकानों के पास रुका बोल्डर: राहत की बात यह रही कि बोल्डर किसी मकान से टकराने के बजाय थोड़ी दूरी पर जाकर रुक गया, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। घटना के वक्त वहां श्रद्धालुओं या स्थानीय लोगों की आवाजाही नहीं थी।
2. यमुनोत्री हाईवे बार-बार हो रहा बाधित
लगातार हो रहा भूस्खलन: बारिश के कारण पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिर रहा है। शुक्रवार से ही यह मार्ग इस भूस्खलन क्षेत्र में बंद पड़ा हुआ है।
जोखिम में राहत कार्य: सीमा सड़क संगठन (BRO) और संबंधित एजेंसियां मार्ग को खोलने में जुटी हुई हैं, लेकिन पहाड़ी से लगातार गिरते पत्थरों के कारण काम बेहद जोखिम भरा बना हुआ है।
3. स्यानाचट्टी कस्बे पर ट्रिपल खतरा और स्थानीय लोगों की चिंता
स्थानीय निवासियों (राजेंद्र सिंह, मनोज रावत, अनुज आदि) का कहना है कि इस मानसून में स्यानाचट्टी कस्बा चारों तरफ से प्राकृतिक आपदाओं के खतरे से घिरा हुआ है:
ऊपरी पहाड़ी का लैंडस्लाइड जोन: लगातार दरकती पहाड़ी से गिरते बोल्डर।
कुपड़ा खड्ड का मलबा: बीते वर्ष आई आपदा के बाद से बना खतरा।
यमुना नदी का झीलनुमा क्षेत्र: नदी के बढ़ते दबाव से कस्बे के अस्तित्व पर संकट।
स्थानीय लोगों और प्रशासन ने यात्रियों व ग्रामीणों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक आवाजाही से बचें और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें।
