ईरान युद्ध में शहीद भारतीय मूल की अमेरिकी सर्जेंट एंजेल सारा रामप्रसाद को सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई; न्यूयॉर्क के मेयर और अधिकारी रहे मौजूद
ईरान युद्ध में शहीद भारतीय मूल की अमेरिकी सर्जेंट एंजेल सारा रामप्रसाद को सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई; न्यूयॉर्क के मेयर और अधिकारी रहे मौजूद
ईरान युद्ध के दौरान जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर हुए मिसाइल हमले में शहीद हुईं भारतीय मूल की 22 वर्षीय अमेरिकी सर्जेंट एंजेल सारा रामप्रसाद (Angel Sara Ramprasad) को न्यूयॉर्क में हीरो की तरह अंतिम विदाई दी गई। उनके अंतिम संस्कार में अमेरिकी सैन्य अधिकारी, न्यूयॉर्क पुलिस के जवान और सैकड़ों लोग शामिल हुए।
1. सैन्य सम्मान और राजकीय शोक
अंतिम यात्रा और गार्ड ऑफ ऑनर: न्यूयॉर्क पुलिस के मोटरसाइकिल सवार जवानों के काफिले की अगुवाई में उनके पार्थिव शरीर को चर्च ले जाया गया। इसके बाद लॉन्ग आइलैंड के एक कब्रिस्तान में पूर्ण सैन्य सम्मान (Military Honors) के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
झंडे आधे झुके: न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने शहीद सर्जेंट के सम्मान में पूरे राज्य में अमेरिकी झंडे आधे झुकाने का आदेश दिया।
मेयर की श्रद्धांजलि: न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने चर्च में पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और कहा, “सर्जेंट एंजेल सारा की हिम्मत और कुर्बानी को हमेशा याद रखा जाएगा।”
राष्ट्रपति द्वारा सम्मान: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने डोवर एयर फोर्स बेस पर 22 जुलाई को उनके पार्थिव शरीर को प्राप्त कर सैन्य सम्मान दिया था।
2. कौन थीं एंजेल सारा रामप्रसाद?
पारिवारिक पृष्ठभूमि: एंजेल सारा दो साल की उम्र में अपनी मां कैरोल एसेवेडो के साथ त्रिनिदाद से अमेरिका आई थीं, जहां न्यूयॉर्क में उनका पालन-पोषण हुआ।
सैन्य तैनाती: वह जर्मनी स्थित आर्मी एयर एंड मिसाइल डिफेंस कमांड में कार्यरत थीं, लेकिन युद्ध के दौरान उन्हें जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस (Muwaffaq Salti Air Base) पर तैनात किया गया था।
मां का संदेश: अंतिम संस्कार के दौरान उनकी मां ने कहा, “मेरी बेटी एक असली हीरो थी।”
3. जॉर्डन में हुए हमले की घटना
17 जुलाई का मिसाइल हमला: जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर हुए ईरानी मिसाइल हमले में एंजेल सारा के साथ कैप्टन टायलर जेम्स फीहान (25) और प्राइवेट फर्स्ट क्लास इसाबेला गोंजालेस (19) भी शहीद हुए थे।
ईरान युद्ध में हताहत: 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल द्वारा शुरू किए गए इस युद्ध में अब तक 18 अमेरिकी सैन्यकर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं।
पेंटागन की सूची में बदलाव: पेंटागन ने शुरुआत में सारा और उनके साथियों को ‘ईरान युद्ध में हताहतों’ की सूची में शामिल किया था, लेकिन बाद में उन्हें ‘ओवरसीज ऑपरेशन्स’ (Overseas Operations) की नई सूची में स्थानांतरित कर दिया गया।
