भारी उद्योग मंत्रालय की पहल: सरकारी दफ्तरों में जल्द मिल सकती है ‘यूल टी’, AYCL को उबारने की तैयारी
भारी उद्योग मंत्रालय की पहल: सरकारी दफ्तरों में जल्द मिल सकती है ‘यूल टी’, AYCL को उबारने की तैयारी
भारत के सरकारी मंत्रालयों और विभागों की बैठकों व सम्मेलनों में जल्द ही एक विशेष चाय परोसी जा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries) ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और उनके अधीन आने वाले संगठनों से अपनी कैंटीन, आधिकारिक बैठकों और कार्यक्रमों में ‘यूल टी’ (Yule Tea) का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है।
’यूल टी’ केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (CPSE) एंड्रयू यूल एंड कंपनी लिमिटेड (AYCL) का ब्रांड है, जो इस समय गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है।
संकटग्रस्त सरकारी कंपनी को संस्थागत बाजार देने की योजना
150 साल से भी अधिक पुरानी एंड्रयू यूल एंड कंपनी लिमिटेड असम और पश्चिम बंगाल में करीब 15 चाय बागानों का संचालन करती है। यह कंपनी प्रीमियम क्वालिटी की CTC, ऑर्थोडॉक्स, ग्रीन और फ्लेवर्ड चाय का उत्पादन ‘यूल टी’ ब्रांड के तहत करती है।
पुरानी पहचान: यह कंपनी लंबे समय से टी बोर्ड के माध्यम से भारतीय संसद (Parliament) को चाय की आपूर्ति करती आ रही है।
उद्देश्य: भारी उद्योग मंत्रालय का मानना है कि यदि सभी सरकारी दफ्तर बड़े पैमाने पर यूल टी की खरीदारी करते हैं, तो कंपनी को एक बड़ा और स्थिर संस्थागत बाजार (Institutional Market) मिलेगा, जिससे इसे घाटे से उबारने में मदद मिलेगी।
संसदीय समिति की सिफारिश: यह कदम ‘इंडस्ट्री पर बनी डिपार्टमेंट-संबंधित संसदीय स्थायी समिति’ की सिफारिशों के बाद उठाया गया है, जिसने सरकार को AYCL के उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की सलाह दी थी।
पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में किया ‘विदुर प्रेरणा हर्बल चाय’ का जिक्र
जहाँ एक तरफ यूल टी को सरकारी दफ्तरों में बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ (136वें एपिसोड) में चाय के सांस्कृतिक महत्व और एक विशेष स्थानीय ब्रांड की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले (लखीवाला गांव) के एक महिला स्वयं सहायता समूह (Self-Help Group) द्वारा तैयार की गई ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल चाय’ का जिक्र किया:
प्राकृतिक तत्व: यह हर्बल चाय लेमनग्रास, गिलोय, मुलेठी, तुलसी, कच्ची हल्दी, दालचीनी, इलायची और सौंफ के मिश्रण से बनाई जाती है।
महिला सशक्तिकरण: पीएम मोदी ने कहा कि चाय हमारे देश में सिर्फ पेय नहीं बल्कि अपनापन का प्रतीक है। इस विशेष हर्बल चाय ने न केवल स्वाद से लोगों को आकर्षित किया है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती भी दी है।
