‘वयस्क बच्चों के फैसलों के लिए माता-पिता जिम्मेदार नहीं’: बेटी के विरोध प्रदर्शन पर केशव महंता के बचाव में उतरे असम CM हिमंत बिस्वा सरमा
‘वयस्क बच्चों के फैसलों के लिए माता-पिता जिम्मेदार नहीं’: बेटी के विरोध प्रदर्शन पर केशव महंता के बचाव में उतरे असम CM हिमंत बिस्वा सरमा
असम सरकार के वरिष्ठ मंत्री केशव महंता की बेटी दिबिसा महंता द्वारा गुवाहाटी में नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्र प्रदर्शन में शामिल होने के बाद उठे राजनीतिक विवाद पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रतिक्रिया दी है। सीएम हिमंत ने अपने कैबिनेट सहयोगी का बचाव करते हुए साफ किया कि वयस्क बच्चों की राजनीतिक सोच और उनके कदमों के लिए उनके माता-पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
’मेरे बच्चे भी मेरी कई बातें नहीं मानते’
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पारिवारिक वैचारिक मतभेदों का उदाहरण देते हुए कहा:
”मेरा भाई मेरी बात नहीं मानता, मेरे बच्चे भी मेरी कई बातें नहीं मानते। जरूरी नहीं कि बच्चों की राजनीतिक सोच उनके माता-पिता जैसी ही हो। पीएम मोदी के बारे में उसने जो कहा, उससे मुझे दुख हुआ है और जब मैं उससे मिलूँगा तो बात करूँगा। लेकिन बच्चों के बड़े होने के बाद हर बात में माता-पिता को घसीटने का कोई मतलब नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर कल उनका अपना बेटा वकील बनकर किसी ऐसे व्यक्ति का केस लड़े जिसे वे पसंद नहीं करते, तो इसमें हैरान होने की जरूरत नहीं है।
बाढ़ राहत कार्य में जुटे हैं मंत्री
सीएम ने कहा कि केशव महंता इस समय असम में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद और बचाव कार्य में दिन-रात जुटे हुए हैं। ऐसे संवेदनशील समय में उन पर अनावश्यक मानसिक दबाव डालने से किसी का भला नहीं होगा।
क्या था पूरा विवाद?
गुवाहाटी में देश भर में नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में छात्रों का एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन में असम गण परिषद (AGP) के वरिष्ठ नेता व असम सरकार में मंत्री केशव महंता की बेटी दिबिसा महंता भी शामिल हुई थीं।
प्रदर्शन के दौरान दिबिसा द्वारा कथित तौर पर केंद्रीय मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद विपक्षी दलों और सोशल मीडिया यूजर्स ने मंत्री केशव महंता को घेरना शुरू कर दिया था, जिसके बाद खुद मुख्यमंत्री को स्थिति स्पष्ट करने के लिए आगे आना पड़ा।
