मध्य पूर्व में फिर बढ़ा तनाव: हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर ड्रोन हमला, रियाद ने इराक से दागे गए ड्रोन भी गिराए
मध्य पूर्व में फिर बढ़ा तनाव: हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर ड्रोन हमला, रियाद ने इराक से दागे गए ड्रोन भी गिराए
मध्य पूर्व में क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब के महत्वपूर्ण तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर कई ड्रोन हमले करने का दावा किया है। वहीं दूसरी ओर, सऊदी रक्षा मंत्रालय ने इराक की सीमा की तरफ से देश के पूर्वी इलाकों और राजधानी रियाद पर दागे गए कई दुश्मन ड्रोन को हवा में ही मार गिराने की पुष्टि की है।
हूतियों का दावा: ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन और संवेदनशील ठिकाने निशाने पर
हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई सऊदी अरब के ड्रोन द्वारा की गई घुसपैठ के जवाब में की गई है। हूतियों के अनुसार:
निशाना: पूर्वी सऊदी अरब से लेकर लाल सागर के तट पर स्थित यानबू (Yanbu) बंदरगाह तक कच्चे तेल की सप्लाई और ट्रांसपोर्ट से जुड़े कई संवेदनशील पॉइंट्स को निशाना बनाया गया।
रणनीतिक महत्व: यानबू वही महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर है जहाँ सऊदी अरब की प्रमुख ईस्ट-वेस्ट (East-West) क्रूड ऑयल पाइपलाइन खत्म होती है।
नौसैनिक नाकेबंदी की धमकी: हूतियों ने सऊदी अरब के प्रमुख बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) लागू करने की भी घोषणा की है।
सऊदी रक्षा मंत्रालय का रुख: इराक की धरती से हुए हमले
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि उनकी वायु रक्षा प्रणालियों ने पेट्रोलियम सुविधाओं और राजधानी रियाद की ओर आ रहे कई ड्रोनों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया।
इराकी मिलिशिया पर आरोप: सऊदी मंत्रालय का कहना है कि ये आतंकी हमले इराक की जमीन से ईरान समर्थित आतंकवादी समूहों द्वारा संचालित किए गए थे।
इराकी सरकार को चेतावनी: सऊदी सरकार ने एक कड़ा बयान जारी कर इराकी सरकार से माँग की है कि वह अपनी ज़मीन का इस्तेमाल सऊदी अरब के खिलाफ हमलों के लिए होने से रोकने हेतु तुरंत और कड़े कदम उठाए।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच नई चिंगारी
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले 13 दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच चल रही गोलीबारी में शनिवार से ही एक अस्थायी विराम देखने को मिल रहा था। हालाँकि इराक स्थित किसी ईरानी गुट ने आधिकारिक तौर पर जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सऊदी अरब और खाड़ी देशों का मानना है कि क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने के लिए हूती और इराकी मिलिशिया संयुक्त रूप से इन हमलों को अंजाम दे रहे हैं।
