नेपाल में परीक्षा पेपर लीक पर बवाल: सड़कों पर उतरी ‘जेन-जी’, शिक्षक गिरफ्तार
नेपाल में परीक्षा पेपर लीक पर बवाल: सड़कों पर उतरी ‘जेन-जी’, शिक्षक गिरफ्तार
नेपाल में एक बार फिर युवाओं और छात्रों का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिल रहा है। त्रिभुवन यूनिवर्सिटी के मास्टर ऑफ बिजनेस स्टडीज (MBS) के पहले सेमेस्टर का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद युवाओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मार्च 2026 में बालेंद्र (बालेन) शाह के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह दूसरा मौका है जब देश की ‘जेन-जी’ आबादी इतने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रही है।
परीक्षा शुरू होने के 5 मिनट बाद व्हाट्सएप पर आया पेपर
’द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, 24 जुलाई को आयोजित परीक्षा शुरू होने के महज पांच मिनट बाद ही प्रश्नपत्र का PDF एक व्हाट्सएप ग्रुप में सर्कुलेट हो गया था। यह मामला तब उजागर हुआ जब ग्रुप के ही एक छात्र ने बातचीत के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए।
व्हाट्सएप ग्रुप ‘एमबीएस फर्स्ट सेमेस्टर सेक्शन सी’ में 1,000 से अधिक सदस्य जुड़े थे। स्क्रीनशॉट में देखा गया कि पेपर शेयर होने के बाद छात्रों ने उत्तर (सॉल्यूशन) भी माँगे, जिसके जवाब में 16 पन्नों का हाथ से लिखा हल ग्रुप में भेजा गया।
लोकप्रिय शिक्षक ‘सुलब सर’ गिरफ्तार
नेपाल पुलिस के सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (CIB) और साइबर ब्यूरो ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भक्तपुर से संदीप सिंह (जिन्हें छात्र ‘सुलब सर’ के नाम से जानते हैं) को गिरफ्तार किया है। संदीप सिंह कोटेश्वर के हिमालय कॉलेज और बागबाजार के केएमसी कॉलेज में पढ़ाते हैं।
आरोपी की सफाई: पूछताछ के दौरान संदीप सिंह ने दावा किया कि उन्होंने केवल एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए पेपर को ग्रुप में फॉरवर्ड किया था और उनका कोई आर्थिक लाभ कमाने का इरादा नहीं था।
कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने उनके खिलाफ एजुकेशन एक्ट, 1971 के तहत परीक्षा गोपनीयता उल्लंघन का मामला दर्ज किया है।
सरकार और शिक्षा मंत्रालय का रुख
नेपाल के शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल ने बताया कि शुरुआती जांच के अनुसार यह गड़बड़ी यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों के बजाय एक निजी शिक्षक द्वारा की गई है। गृह मंत्रालय और पुलिस महानिरीक्षक (IGP) दान बहादुर कार्की को निष्पक्ष और त्वरित जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार ने युवाओं को भरोसा दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बालेन शाह सरकार के सामने नई चुनौती
सितंबर 2025 में हुए व्यापक जेन-जी आंदोलन के बाद बालेन शाह ने सत्ता संभाली थी। उस समय बेरोजगारी और भ्रष्टाचार मुख्य मुद्दे थे। हालांकि, सरकार बनने के महज पांच महीने के भीतर ही इस तरह की प्रशासनिक लापरवाही और पेपर लीक की घटना ने युवाओं के बीच असंतोष बढ़ा दिया है।
