अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक, धार्मिक समिति का पुनर्गठन; CEO और महासचिव की नियुक्ति टली
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक, धार्मिक समिति का पुनर्गठन; CEO और महासचिव की नियुक्ति टली
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक अयोध्या में आयोजित हुई। बैठक में मंदिर से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। हालांकि, नए महासचिव और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के नाम की घोषणा फिलहाल टल गई है।
धार्मिक समिति का हुआ पुनर्गठन
ट्रस्ट ने मंदिर परंपराओं और अनुष्ठानों की देखरेख के लिए धार्मिक समिति का पुनर्गठन करने का फैसला किया है:
अध्यक्षता: नई समिति की अध्यक्षता ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज करेंगे।
7 सदस्यीय समिति: इस सात सदस्यीय समिति में अयोध्या के 5 प्रमुख संतों को शामिल किया जाएगा।
जिम्मेदारी: यह समिति मंदिर में प्रतिदिन होने वाली पूजा-पद्धति, धार्मिक अनुष्ठानों और परंपराओं से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर फैसला लेगी।
CEO चयन समिति ने मांगा एक महीने का समय; सचिव व प्रवक्ता की होगी नियुक्ति
CEO नियुक्ति में देरी: चंपत राय के इस्तीफे के बाद खाली पड़े पदों और CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। चयन समिति ने योग्य उम्मीदवार के चयन के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा है, जिसे ट्रस्ट ने स्वीकार कर लिया।
नया सचिव और प्रवक्ता: श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और मंदिर प्रबंधन का दायरा बढ़ने के कारण ट्रस्ट ने एक सचिव और ट्रस्ट की आधिकारिक जानकारी साझा करने के लिए एक प्रवक्ता नियुक्त करने का फैसला किया है।
खाली पद 1 हफ्ते में भरे जाएंगे: ट्रस्ट के खाली पड़े पदों पर अगले एक सप्ताह के भीतर नियुक्तियां करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?
बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ महाराज, युग पुरुष परमानंद गिरी महाराज, स्वामी दीनेंद्र दास, स्वामी कमलनयन दास, अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी सहित अन्य प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।
