जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर: बाढ़ और भूस्खलन से 23 लोगों की मौत, 7 लापता; पुंछ, राजौरी और डोडा में भारी तबाही
जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर: बाढ़ और भूस्खलन से 23 लोगों की मौत, 7 लापता; पुंछ, राजौरी और डोडा में भारी तबाही
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में रविवार से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। अचानक आई बाढ़ (Flash Floods) और कई जगहों पर हुए भूस्खलन (Landslides) के कारण अब तक 23 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग अभी भी लापता हैं। आपदा का सबसे भीषण असर पुंछ, राजौरी, डोडा और बडगाम जिलों में देखने को मिला है।
तबाही का मंजर: मकान, दुकानें और गाड़ियां बहीं
पुंछ में दर्दनाक हादसा: पुंछ जिले के लोरन-डुमिलान में एक भयानक भूस्खलन के कारण एक मकान पूरी तरह मिट्टी के नीचे दब गया, जिससे एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई।
राजौरी में बहीं 100 से ज्यादा गाड़ियां: राजौरी में नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने से बाढ़ का तेज बहाव अपने साथ 100 से अधिक वाहनों को बहा ले गया।
बडगाम में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स ढहा: बडगाम जिले के बीरवाह इलाके में सुखनाग नदी उफान पर है। इसके तेज बहाव में लगभग 24 दुकानें बह गईं और बस स्टैंड के पास बना एक बड़ा म्युनिसिपल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स ढह गया।
बुनियादी ढांचा ठप: बाढ़ और भूस्खलन से पीने के पानी की पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और कई संपर्क मार्ग पूरी तरह कट चुके हैं, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है।
कश्मीर में ‘रेड अलर्ट’, युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य
रेड अलर्ट जारी: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग और प्रशासन ने कश्मीर घाटी के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
राहत शिविर: बेघर हुए सैकड़ों प्रभावित लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है।
बचाव अभियान जारी: राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। क्षतिग्रस्त इमारतों और मलबे से सामान व लोगों को निकालने के प्रयास जारी हैं।
प्रशासन की चेतावनी: अभी टला नहीं है खतरा
घाटी में लगातार बारिश और गरज-चमक का दौर जारी है। प्रशासन ने सभी प्रमुख नदियों, नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन तथा फ्लैश फ्लड को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
