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मध्य पूर्व में महायुद्ध के आसार: अमेरिका ने ईरान के 80 ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक; जवाब में ईरान का अमेरिकी अड्डों पर 85 मिसाइल-ड्रोन हमलों का दावा

मध्य पूर्व में महायुद्ध के आसार: अमेरिका ने ईरान के 80 ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक; जवाब में ईरान का अमेरिकी अड्डों पर 85 मिसाइल-ड्रोन हमलों का दावा

​दुबई/वाशिंगटन: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सटीक मार करने वाले हथियारों से ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। इसके जवाब में ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने भी बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर 85 पलटवार करने का दावा किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध की स्थिति बन गई है।

​अमेरिका की बड़ी कार्रवाई: तबाह किए एयर डिफेंस और 60 मिलिट्री बोट्स

​यूएस सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। अमेरिका के मुताबिक, ईरान ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजर रहे तीन व्यापारिक जहाजों (एम/टी अल रेकय्यात, एम/टी वेड्यान और एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी) पर बिना किसी उकसावे के हमले किए थे, जो युद्धविराम का खुला उल्लंघन था।

​जवाब में अमेरिकी सेना ने 7 जुलाई को भीषण एयरस्ट्राइक कर ईरान के निम्नलिखित ठिकानों को निशाना बनाया:

​ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम और कमांड-कंट्रोल नेटवर्क।

​तटीय रडार साइट्स और एंटी-शिप मिसाइल क्षमताएं।

​होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तैनात IRGC की 60 से ज्यादा छोटी मिलिट्री नावें (बोट्स)।

​ईरान का पलटवार: बहरीन और कुवैत में बज रहे सायरन, अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट पर हमला

​अमेरिकी हमले के तुरंत बाद ईरान की सेना (IRGC) ने भी भीषण जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है।

​शेख ईसा एयर बेस और फिफ्थ फ्लीट पर हमला: बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के कुख्यात ‘फिफ्थ फ्लीट’ के मुख्यालय और ‘शेख ईसा एयर बेस’ को ईरान ने निशाना बनाया है। बहरीन में लगातार एयर रेड सायरन बज रहे हैं और सरकार ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है।

​कुवैत अलर्ट पर: कुवैत के ‘अली अल-सलेम एयर बेस’ पर भी ईरानी हमले का दावा किया गया है, जिसके बाद कुवैत ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह एक्टिव कर दिया है।

​ईरानी सेना ने खुलेआम धमकी दी है कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब उनके ड्रोन हमलों के वैध लक्ष्य होंगे।

​ईरान ने अमेरिका पर लगाया समझौता तोड़ने का आरोप

​इस भीषण टकराव के बीच ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका पर संघर्ष विराम समझौते की 5 शर्तें तोड़ने का आरोप लगाया है। गालिबाफ के मुताबिक, अमेरिका ने निम्नलिखित उल्लंघन किए हैं:

​होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के संप्रभु अधिकारों में दखल देना।

​लगातार सैन्य हमलों की धमकियां देना।

​ईरानी तेल निर्यात पर फिर से कड़े प्रतिबंध लागू करना।

​दक्षिणी ईरान के प्रांतों पर सीधे हवाई हमले (एयरस्ट्राइक) करना।

​लेबनान में जारी इजराइली सैन्य कार्रवाई का खुलकर समर्थन करना।

​दोनों देशों के बीच सीधे तौर पर शुरू हुए इस युद्ध ने वैश्विक व्यापार कॉरिडोर और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के सामने एक गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।

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