सीएम योगी का कांग्रेस-सपा पर तीखा हमला: बोले- ‘वक्फ के नाम पर जमीनों का वारा-न्यारा करने वालों पर विपक्ष के मुंह में लगा फेविकोल’
सीएम योगी का कांग्रेस-सपा पर तीखा हमला: बोले- ‘वक्फ के नाम पर जमीनों का वारा-न्यारा करने वालों पर विपक्ष के मुंह में लगा फेविकोल’
प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर अब तक का सबसे तीखा राजनीतिक हमला बोला है. सीएम योगी ने वक्फ बोर्ड की जमीनों के विवाद से लेकर अयोध्या मामले और हिंदू आस्था से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर विपक्ष को बुरी तरह घेरा.
मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जहां राजेंद्र मौर्य जैसे किसी गरीब व्यापारी के लिए दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बनाए जा सकते थे, जिससे वह अपनी प्रतिभा और कारीगरी का परिचय दुनिया को दे पाता, वहां वक्फ के नाम पर जमीनों पर अवैध कब्जे करवाकर कुछ चुनिंदा लोगों ने उसका वारा-न्यारा कर लिया. उन्होंने कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता एक बार भी नहीं बोले.
’अयोध्या मामले में एसआईटी करेगी दूध का दूध और पानी का पानी’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए जनता को आश्वस्त किया:
”अयोध्या के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने खुद उत्तर प्रदेश सरकार से एसआईटी (SIT) गठन की मांग की थी. मैं आश्वस्त करता हूं कि एसआईटी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी. प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ही ट्रस्ट ने त्वरित कार्रवाई की है, एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है और जिनके खिलाफ भी ठोस साक्ष्य मिले हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए गए हैं.”
तुष्टीकरण और अतीत के फैसलों पर दागे तीखे सवाल
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब हिंदुओं की आस्था का मुद्दा आता है, तो समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं के मुंह पर ‘फेविकोल’ लग जाता है. उन्होंने विपक्ष से सीधे कई तीखे सवाल दागे:
कब्रिस्तानों की बाउंड्री: “जब पहले हिंदुओं के धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे के पैसे का दुरुपयोग कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल बनाने में किया जाता था, तब क्या हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी?”
गो-तस्करी और अवैध बूचड़खाने: “जब राज्य में अवैध बूचड़खाने धड़ल्ले से चलाए जाते थे, गौमाता की हत्याएं होती थीं और तस्करों को राजनीतिक संरक्षण मिलता था, तब क्या आस्था को चोट नहीं पहुंचती थी?”
रामभक्तों पर गोलीबारी: “जब अयोध्या में निहत्थे रामभक्तों पर गोलियां और लाठियां चलवाई गईं, तब क्या आस्था आहत नहीं हुई थी?”
विपक्ष की तुलना ‘गिरगिट’ से की, दंगों और पाबंदियों की दिलाई याद
सीएम योगी ने अतीत की कानून-व्यवस्था और प्रतिबंधों की याद दिलाते हुए कहा कि जब भगवान राम और भगवान कृष्ण को ‘काल्पनिक’ बताया जाता था, जब कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया जाता था, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के सार्वजनिक आयोजनों को रोका जाता था और दुर्गा पूजा के पंडालों पर तरह-तरह की रोक लगाई जाती थी, तब विपक्ष को कभी जनता की आस्था की याद नहीं आती थी.
उन्होंने याद दिलाया कि पहले हिंदू पर्व-त्योहारों से ठीक पहले जानबूझकर दंगे और उपद्रव कराए जाते थे. उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
”अब तो गिरगिट भी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं से शर्माता होगा, क्योंकि ये लोग उससे भी ज्यादा तेजी से अपना राजनीतिक रंग बदलते हैं. इनकी सबसे बड़ी पीड़ा और परेशानी यही है कि जहां ये बाबरी गुलामी का ढांचा देखना चाहते थे, वहां आज देशवासियों के पुरुषार्थ से भगवान राम का भव्य और दिव्य मंदिर सीना ताने खड़ा है.”
सुरक्षा और विकास का भरोसा:
मुख्यमंत्री ने जनसभा के अंत में प्रतापगढ़ और उत्तर प्रदेश की जनता को आश्वस्त किया कि चाहे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का मुद्दा हो, गरीबों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना हो, युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार देना हो या फिर व्यापारियों और बेटियों को सुरक्षा व सम्मान देना हो, वर्तमान सरकार बिना किसी भेदभाव के पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है.
