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कराची में गैस और बिजली संकट: त्योहार के मौके पर भी अंधेरे में डूबा शहर, जनता में भारी आक्रोश

कराची में गैस और बिजली संकट: त्योहार के मौके पर भी अंधेरे में डूबा शहर, जनता में भारी आक्रोश

​कराची: पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में गहराते ऊर्जा संकट के कारण लोगों को त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के मौके पर भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, कराची में गैस की किल्लत और अघोषित बिजली कटौती (लोडशेडिंग) के चलते लोगों को आशूरा के दौरान ‘सेहरी’ और इफ्तार का खाना बनाने में भी भारी मशक्कत करनी पड़ी।

​हालांकि, कराची की बिजली आपूर्ति कंपनी के-इलेक्ट्रिक (K-Electric) ने दावा किया है कि मुहर्रम की 11 तारीख तक कई इलाकों को तय लोडशेडिंग से छूट दी गई है और बिजली की सप्लाई बिना रुके हो रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। स्थानीय लोगों की शिकायतों के अनुसार, शहर के बड़े हिस्से में बुधवार देर रात से ही लंबे समय तक बिजली गुल रही।

​शहर के इन बड़े इलाकों में हाहाकार

​कराची के सद्दार, बर्न्स रोड, ल्यारी, क्लिफ्टन, डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी (DHA), फेडरल बी एरिया, उत्तरी कराची, लियाकतबाद, मालिर, कोरंगी, शाह फैसल कॉलोनी, ओरंगी टाउन, केमारी और बलदिया टाउन सहित लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में बिजली और गैस संकट ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। धार्मिक आयोजनों के दौरान लोगों को रोशनी और अन्य जरूरतों के लिए वैकल्पिक साधनों (जैसे जनरेटर या बैटरी) का सहारा लेना पड़ा।

​पानी की किल्लत और होटलों पर निर्भरता

​बिजली गुल रहने के कारण शहर में पानी का संकट भी गहरा गया है, क्योंकि नलों और टैंकों तक पानी पहुंचाने वाली मोटरें बिजली न होने के कारण ठप रहीं। वहीं, खासकर इफ्तार के समय गैस की सप्लाई पूरी तरह से गायब हो जाने के कारण घरों में खाना नहीं बन सका। इसके चलते लोगों को इफ्तार और सेहरी के लिए मजबूरन रेस्टोरेंट और नाश्ते की दुकानों से महंगे दामों पर खाना खरीदना पड़ा।

​परेशान नागरिकों ने सोशल मीडिया के जरिए अपना गुस्सा जाहिर किया है। कराची के निवासी जफर हसन ने यूटिलिटी कंपनियों पर सवाल उठाते हुए कहा, “क्या उन्हें यह एहसास नहीं है कि कम से कम धार्मिक दिनों में तो लोगों को बिना रुकावट गैस और बिजली मिलनी चाहिए?” वहीं अन्य नागरिकों ने मुहर्रम से पहले निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में नाकाम रहने के लिए प्रांतीय सरकार की कड़ी आलोचना की।

​हैदराबाद में ‘हवा’ के बिल भर रहे लोग

​कराची के अलावा सिंध प्रांत के ही हैदराबाद शहर में भी स्थिति बेहद चिंताजनक है। सुई सदर्न गैस कंपनी (SSGC) के वादे के मुताबिक, शहर में सुबह, दोपहर और रात को मिलाकर कुल 9 घंटे गैस सप्लाई होनी चाहिए थी। लेकिन स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि गैस कंपनी इस सीमित शेड्यूल के दौरान भी ईंधन की आपूर्ति करने में नाकाम रही है।

​लतीफाबाद के एक निवासी ने तंज कसते हुए कहा, “गैस पाइपलाइन में तय समय पर सिर्फ 15-20 मिनट हवा आती है। हम अपने गैस बिल में इस हवा के लिए पैसे दे रहे हैं, जबकि एक वक्त का खाना बनाने के लिए हमें किचन में घंटों गुजारने पड़ रहे हैं।” भीषण गर्मी के बीच गैस के बेहद कम प्रेशर और लंबी बिजली कटौती ने पूरे सिंध प्रांत में हाहाकार मचा रखा है।

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